रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड में कोविड-19 के पहले सौ मरीज 27 दिनों में मिले थे। लेकिन अब दो-चार दिनों में ही मरीजों की संख्या सैंकड़ा पार कर जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि राज्य में महज दस दिनों में ही इसके मरीज दोगुने हो रहे हैं। ऐसा बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों एवं अन्य लोगों के अचानक वापस लौटने से ही हुआ है। उम्मीद की जा रही है कि राज्य में मरीजों की संख्या और बढ़ेगी। जून माह राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि अभी जो भी मामले सामने आ रहे हैं वे राज्य सरकार द्वारा कराई गई जांच में सामने आ रहे हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर ऐसे भी हैं जिनकी जांच नहीं हुई है। 

27 दिनों में मिले थे पहले 100 कोरोना मरीज, अब दो-चार दिनों में मिल रहे

राज्य में पिछले मई माह में कुल 522 मरीज मिले। इनमें लगभग 82 फीसद अर्थात 430 मरीज प्रवासी मजदूर तथा दूसरे राज्यों से लौटनेवाले लोग हैं। जामताड़ा तथा गोड्डा को छोड़कर राज्य के अन्य सभी 22 जिलों में प्रवासी संक्रमित हुए हैं। हालांकि सबसे अधिक 87 प्रवासी पूर्वी सिंहभूम में संक्रमित हुए हैं। दूसरे व तीसरे स्थान पर हजारीबाग तथा गढ़वा है जहां क्रमश: 63 तथा 56 प्रवासी मजदूर संक्रमित हुए हैं।

अन्य जिलों की बात करें तो कोडरमा में 42, धनबाद में 24, रामगढ़ में 24, रांची में 21, गुमला में 20 पलामू में 15, पश्चिमी सिंहभूम में 14 गिरिडीह में 13, सिमडेगा में 12, लातेहार 10, बोकारो में 07, पाकुड़ में 05, खूंटी में 05, सरायकेला खरसावां में 04, लोहरदगा 03, दुमका में 02, देवघर में 01, चतरा में 01 तथा साहिबगंज में 01 प्रवासी संक्रमित हुए हैं।

झारखंड के लिए राहत की बात यह है कि बड़ी संख्या में संक्रमित स्वस्थ भी हो रहे हैं। इसके बावजूद झारखंड की रिकवरी रेट राष्ट्रीय दर से कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हाल के दिनों में प्रवासी संक्रमितों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। झारखंड में वर्तमान में यह दर लगभग 42 फीसद है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह दर बढ़कर 47.75 हो गई है। हालांकि इसमें झारखंड की स्थिति पड़ोसी राज्यों में पश्चिमी बंगाल तथा बिहार से बेहतर है।

राज्य में 31 मई तक कुल 264 लोग वायरस से लड़ते हुए स्वस्थ हुए, जिनमें बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं। हालांकि मरीजों के दोगुना होने की भी दर झारखंड में 10.1 दिन है जबकि देश में यह दर लगभग 15 दिन है। झारखंड में इस बीमारी से पांच मौत होने के बाद भी झारखंड की मृत्यु दर महज 0.82 फीसद है, जबकि पूरे देश में यह दर 2.83 फीसद है।

कैसे कितने समय में मिले 100 मरीज

  • पहला 100 मरीज : 27 दिन
  • दूसरा 100 मरीज : 17 दिन
  • तीसरा 100 मरीज : 07 दिन
  • चौथा 100  मरीज : 05 दिन
  • पांचवां 100 मरीज : 04 दिन
  • छठा 100 मरीज : 02 दिन

 

Posted By: Alok Shahi

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