रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पर धरना दे रहे राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालय एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षकों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। प्रदेश अध्यक्ष ने यहां तक कहा कि शिक्षकों की जायज मांगों को कांग्रेस अपने घोषणापत्र में शामिल करेगी। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव के साथ कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राजेश ठाकुर, प्रवक्ता आलोक कुमार दुबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव, डॉ. राकेश किरण महतो, विनोद सिंह व एम. तौसीफ शामिल थे।

कांग्रेस नेताओं ने आमरण अनशन पर बैठे झारखंड सहायक प्राध्यापक (अनुबंध) संघ के अध्यक्ष संजय कुमार झा से जानकारी ली। संजय ने बताया कि सभी संविदा सहायक प्राध्यापकों से स्थायी शिक्षकों के समान ही काम लिया जाता है, परन्तु मानदेय घंटी आधारित है। स्थायी शिक्षकों के समान प्रश्न पत्र सेटिंग, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, परीक्षा का वीक्षण, प्रायोगिक परीक्षाओं में वीक्षण विशेषज्ञ, महाविद्यालयों के विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी जैसे तमाम कार्य कराए जाते हैं, परन्तु मानदेय भुगतान में भारी असमानता है। शिक्षक संघ ने बताया कि पांच-सात हजार रुपये भुगतान कर सरकार पूरे साल काम कराती है।

कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि अगर शिक्षक, कर्मचारी, पारा शिक्षक, आंगनबाड़ी जैसे कर्मी संतुष्ट नहीं हैं, तो यह सरकार के लिए बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। शिक्षकों की मांगों के साथ पूरी सहानुभूति है। कांग्रेस सत्ता में आई, तो शिक्षकों की मांगें पूरी की जाएंगी और उनकी मांगों को घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा। बातचीत के दौरान ही दो महिला शिक्षक मारवाड़ी कॉलेज की प्रोफेसर लता कुमारी तथा एसपी कॉलेज दुमका की शिक्षका दिव्य पूजा कुमारी बेहोश हो गईं, जिसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की गाड़ी में उठाकर डॉ. राकेश किरण महतो ले गए और सदर अस्पताल में इलाज कराया एवं भत्र्ती करवाया। डॉ. उरांव ने राजभवन पर धरना दे रहे दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों से भी मुलाकात की। कहा कि दिव्यांग बच्चों की मांगों को कांग्रेस घोषणापत्र में शामिल करेगी।

Posted By: Alok Shahi

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