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झारखंड में शहरी विकास का नया रोडमैप: स्मार्ट सिटी और सैटेलाइट टाउनशिप की तर्ज पर विकसित होंगे राज्य के शहर

Published: Thu, 03 Sep 2026 08:13 PM (IST)Updated: Fri, 04 Sep 2026 04:12 PM (IST)

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथॉरिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को रांची स्मार्ट ...और पढ़ें

सीएम ने की ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथारिटी एवं स्मार्ट सिटी के कार्यों की समीक्षा।

सीएम ने की ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथारिटी एवं स्मार्ट सिटी के कार्यों की समीक्षा।

HighLights

  1. सीएम ने ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथॉरिटी और स्मार्ट सिटी की समीक्षा की।

  2. रांची स्मार्ट सिटी के विस्तार की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।

  3. अन्य शहरीकृत जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने पर अध्ययन।

राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथारिटी एवं रांची स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत भूमि से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय चर्चा की। बैठक में राज्य में सुनियोजित शहरी विकास, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहरों के विस्तार तथा आधुनिक शहरी आधारभूत संरचना के विकास को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी की तर्ज पर राज्य के अन्य शहरीकृत जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं का समग्र अध्ययन किया जाए। इसके लिए संबंधित जिलों में उपलब्ध भूमि, आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी, नागरिक सुविधाओं, रोजगार की संभावनाओं तथा भविष्य की आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरीकरण को केवल भवनों और सड़कों तक सीमित न रखते हुए नागरिक-केंद्रित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए। राज्य में ऐसे आधुनिक, सुव्यवस्थित और टिकाऊ शहरी केंद्र विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए, जहां लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हों।

स्मार्ट सिटी रांची के विस्तार की कार्ययोजना पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्मार्ट सिटी के वर्तमान स्वरूप एवं उपलब्ध संसाधनों का आकलन करते हुए भविष्य में इसके विस्तारीकरण की संभावनाओं पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी, आर्थिक गतिविधियों और शहरी आवश्यकताओं को देखते हुए शहर के दीर्घकालिक एवं संतुलित विकास की दिशा में अभी से योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाना आवश्यक है।

बैठक में इस क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए भविष्य में हेवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन लिमिटेड के साथ भूमि एवं अन्य विषयों को लेकर वार्तालाप किए जाने के संबंध में भी चर्चा हुई।

रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा आधुनिक, सुरक्षित, समावेशी और सुव्यवस्थित शहरी परिवेश तैयार करना है, जहां नागरिकों का जीवन सुगम हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाएं शहरी विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी नए अवसरों का सृजन करेंगी।

उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को भूमि से संबंधित कार्यों सहित सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में समन्वय के साथ तेजी लाने, नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल, राजस्व विभाग के सचिव चंद्रशेखर, उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री, सीईओ स्मार्ट सिटी सूरज कुमार, एमडी जीयाडा वरुण रंजन, महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी राकेश कुमार नंदकुलियार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।