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बांग्लादेशी घुसपैठ और जमीन विवाद पर झारखंड विधानसभा में हंगामा, गलत तरीके से कब्जा करने वाले होंगे बेदखल

Published: Fri, 27 Feb 2026 06:50 PM (IST)Updated: Sat, 28 Feb 2026 12:14 PM (IST)

झारखंड विधानसभा में जरमुंडी के भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर ने संथाल परगना में एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर अवैध भूमि ...और पढ़ें

झारखंड विधानसभा में संथाल परगना जमीन विवाद और बांग्लादेशी घुसपैठ पर हंगामा।

झारखंड विधानसभा में संथाल परगना जमीन विवाद और बांग्लादेशी घुसपैठ पर हंगामा।

HighLights

  1. एसपीटी एक्ट उल्लंघन कर अवैध भूमि हस्तांतरण का मुद्दा उठा।

  2. बांग्लादेशी घुसपैठ और जनसांख्यिकी बदलाव पर भी चिंता जताई।

  3. मंत्री ने अवैध कब्जाधारियों को बेदखल करने का आश्वासन दिया।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा के प्रश्नकाल में संथाल परगना क्षेत्र में आदिवासियों की जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण का मुद्दा उठा। जरमुंडी से भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर ने आरोप लगाया कि संथाल परगना टिनेंसी एक्ट के स्पष्ट प्रविधानों के बावजूद बिना उपायुक्त (डीसी) की अनुमति के बड़े पैमाने पर जमीनों का हस्तांतरण किया जा रहा है।

यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे क्षेत्र की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) भी तेजी से बदल रही है। नियमों के अनुसार आदिवासी जमीन का हस्तांतरण डीसी की पूर्व स्वीकृति के बिना संभव नहीं है।

इस मामले पर विभागीय मंत्री दीपक बिरुआ ने जवाब देते हुए कहा कि एसपीटी एक्ट में अवैध जमीन हस्तांतरण के मामलों में कार्रवाई का स्पष्ट प्रविधान है। उन्होंने बताया कि यदि किसी ने गलत तरीके से जमीन हासिल की है तो उसे बेदखल किया जा सकता है।

मंत्री ने यह भी कहा कि यदि विधायक किसी विशेष मामले की जानकारी उपलब्ध कराते हैं तो संबंधित आयुक्त (कमिश्नर) को जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है और कानून के दायरे में रहकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

घुसपैठ और बसावट का भी उठाया मुद्दा

देवेंद्र कुंवर ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि संथाल परगना क्षेत्र में बाहरी लोगों, खासकर बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे लोग खुलेआम क्षेत्र में घूमते और व्यापार करते दिखते हैं, जो पूछताछ में खुद को यहीं बस चुका बताते हैं।

उन्होंने दुमका सहित अन्य जिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह स्थिति स्थानीय सामाजिक संतुलन के लिए खतरा बनती जा रही है। विधायक ने प्रशासन और पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी गतिविधियों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती।

स्पीकर ने किया हस्तक्षेप

इस पूरे मामले पर विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यदि विधायक के पास अवैध जमीन हस्तांतरण से संबंधित ठोस जानकारी है तो उसे लिखित रूप में सरकार को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर उचित जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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