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झारखंड में स्वास्थ्य शिक्षा के लिए परीक्षा से परिणाम तक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म, 14.41 करोड़ की परियोजना

Published: Tue, 06 Oct 2026 09:58 PM (IST)

झारखंड में स्वास्थ्य विभाग 14.41 करोड़ रुपये की लागत से एक डिजिटल मेडिकल एजुकेशन प्लेटफॉर्म तैयार करेगा। यह प्लेटफॉर्म चिकित्सा, ...और पढ़ें

स्वास्थ्य विभाग तैयार करेगा झारखंड डिजिटल मेडिकल एजुकेशन प्लेटफार्म।

स्वास्थ्य विभाग तैयार करेगा झारखंड डिजिटल मेडिकल एजुकेशन प्लेटफार्म।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में स्वास्थ्य से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों में अब नामांकन से लेकर परीक्षा और परिणाम जारी होने की प्रक्रिया एक डिजिटल प्लेटफार्म पर पूरी होगी। नर्सिंग और पारा मेडिकल से लेकर एमबीबीएस यहां तक कि आयुष से जुड़े संस्थानों में सारी प्रक्रियाएं आनलाइन एक प्लेटफार्म पर संपन्न होंगी।

इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार करेगा झारखंड डिजिटल मेडिकल एजुकेशन प्लेटफार्म का निर्माण करेगा। इस परियोजना पर लगभग 14.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राज्य सरकार ने इसपर अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। झारखंड के चिकित्सा, दंत चिकित्सा, नर्सिंग, आयुष, पैरामेडिकल एवं अन्य संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संस्थानों के लिए यह प्लेटफार्म काम करेगा।

इन संस्थानों में विद्यार्थियों के पंजीकरण, प्रवेश, काउंसिलिंग, पाठ्यक्रम्, शिक्षण अधिगम, उपस्थिति, मूल्यांकन, परीक्षा, परिणाम, प्रमाणपत्र, इंटर्नशिप एवं क्लिनिकल ट्रेनिंग आदि शैक्षणिक प्रक्रियाएं जो वर्तमान में विभिन्न स्तरों पर संचालित की जाती हैं, अब इस प्लेटफार्म से संचालित होंगी। प्रस्तावित डिजिटल प्लेटफार्म केवल लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम अथवा डिजिटल क्लासरूम तक सीमित नहीं होगा, बल्कि चिकित्सा शिक्षा की संपूर्ण एकेडमिक लाइफ स्टाइल को एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म के दायरे में लाया जाएगा।

इस प्लेटफार्म को आवश्यकता के अनुसार नेशनल डिजिटल प्लेटफार्म से भी जोड़ा जा सकेगा। इस परियोजना को चरणबद्ध रूप से विकसित एवं लागू किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित अवधि पांच वर्ष रखी गई है तथा आवश्यकता के अनुसार आगे चार वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा।

एकीकृत प्लेटफार्म से मिलेंगी ये सुविधाएं

- रजिस्ट्रेशन से प्रमाणपत्र मिलने तक की एकेडमिक प्रक्रियाएं आनलाइन हो जाएंगी।
- नामांकन और काउंसिलिंग में पारदर्शिता आएगी। इसमें एकीकृत मानक अपनाया जा सकेगा।
- करिकुलम तथा शिक्षण प्रक्रियाएं एक मानक के अनुरूप संपन्न होंगी।
- विद्यार्थियों को ई-लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, लाइव आनलाइन क्लासेज की सुविधा प्राप्त होगी।
- राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य शिक्षण संस्थानों को एक कामन डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ा जा सकेगा।

परियोजना की निगरानी करेगी कमेटी

इस परियोजना के कार्यान्वयन की नियमित निगरानी एवं निर्धारित प्रक्रियाओं के सत्यापन के लिए स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। इसमें निदेशक, चिकित्सा शिक्षा सदस्य सचिव होंगे।