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चतरा हादसे के बाद अधर में लटकी एयर एंबुलेंस सेवा, दिल्ली के लिए अब चुकाने पड़ रहे 13 लाख

Published: Tue, 13 Oct 2026 07:00 AM (IST)

झारखंड सरकार की एयर एंबुलेंस सेवा छह महीने से अधिक समय से बंद है, जिसकी बहाली की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. सरकारी एयर एंबुलेंस सेवा छह महीने से अधिक समय से बंद।

  2. निजी एयर एंबुलेंस का किराया रांची से दिल्ली के लिए दोगुना हुआ।

  3. सेवा बहाली की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में अनुमोदन हेतु लंबित।

आदिल हसन, रांची। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों तक पहुंचाने वाली झारखंड सरकार की एयर एंबुलेंस सेवा छह महीने से अधिक समय बाद भी शुरू नहीं हो सकी है।

23 फरवरी 2026 को चतरा में हुए विमान हादसे में सात लोगों की मौत के बाद सेवा बंद कर दी गई थी। अब इसकी बहाली की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में अनुमोदन के लिए भेजी गई है। लेकिन, सेवा दोबारा कब शुरू होगी, यह स्पष्ट नहीं है।

इधर, सरकारी सेवा बंद होने का फायदा निजी एयर एंबुलेंस कंपनियों को मिल रहा है। मरीजों को रांची से दिल्ली पहुंचाने के लिए अब 13 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि पहले यही सफर करीब 6.5 लाख रुपये में हो जाता था।

दिल्ली का किराया दोगुना, चेन्नई-वेल्लोर के लिए 18 लाख तक खर्च

राज्य सरकार की एयर एंबुलेंस सेवा पहले करीब 55 हजार रुपये प्रति घंटे की दर से उपलब्ध कराई जाती थी। इससे मरीजों को लंबी दूरी तक अपेक्षाकृत कम खर्च में पहुंचाने में मदद मिलती थी।

सेवा बंद होने के बाद निजी कंपनियों के किराये में भारी बढ़ोतरी बताई जा रही है। रांची से दिल्ली के लिए एयर एंबुलेंस का किराया पहले करीब 6.5 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 13 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

रांची से मुंबई जाने के लिए पहले 11 से 12 लाख रुपये खर्च होते थे, जबकि अब 16 से 17 लाख रुपये तक देने पड़ रहे हैं। इसी तरह चेन्नई और वेल्लोर के लिए किराया 12-13 लाख रुपये से बढ़कर 17-18 लाख रुपये तक पहुंच गया है। हैदराबाद के लिए भी 15-16 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

हर महीने औसतन 13 से 15 उड़ानें, मरीज निजी कंपनियों के भरोसे

रांची से हर महीने औसतन 15 एयर एंबुलेंस उड़ानें संचालित होने की जानकारी है। इनके माध्यम से गंभीर मरीजों को दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों तक ले जाया जाता है।

कई मामलों में मरीज की स्थिति ऐसी होती है कि उसे तत्काल बड़े अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी होता है। ऐसे में एयर एंबुलेंस जीवनरक्षक विकल्प बन जाती है।

सरकारी सेवा की अनुपलब्धता के कारण अब मरीजों के परिजनों को निजी कंपनियों से संपर्क करना पड़ रहा है। किराये में बढ़ोतरी से उन परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है, जो पहले ही महंगे इलाज का खर्च उठा रहे हैं।

टोल फ्री नंबर पर भी नहीं मिल रही स्पष्ट जानकारी

सरकारी एयर एंबुलेंस सेवा की बहाली के संबंध में जानकारी लेने के लिए 0651-4665515 और 8210594073 नंबरों पर संपर्क किया गया।

वहां से बताया गया कि सेवा दोबारा शुरू होने के संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक सूचना उपलब्ध नहीं है। वहीं, सेवा बहाली से जुड़ी फाइल सीएमओ में अनुमोदन के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

चतरा हादसे में सात लोगों की हुई थी मौत

23 फरवरी 2026 को रांची से दिल्ली जा रहा बीचक्राफ्ट किंग एयर सी90ए विमान चतरा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में दो पायलट, दो चिकित्सा कर्मी, एक मरीज और दो अटेंडेंट सहित सात लोग सवार थे।

हादसे में सभी की मौत हो गई थी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरने के करीब 17 मिनट बाद विमान खराब मौसम के बीच दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हादसे के बाद सुरक्षा और जांच की प्रक्रिया के बीच सरकारी एयर एंबुलेंस सेवा अब तक बहाल नहीं हो सकी है।

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