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बीज का उठाव पूरा नहीं, योजनाओं में भी पिछड़े जिले; झारखंड के कृषि निदेशक ने अधिकारियों को लगाई फटकार

By Manoj SinghEdited By: Mansi Kumari
Published: Thu, 15 Oct 2026 03:16 PM (IST)

कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की राज्य एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने बीज ...और पढ़ें

कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज की फाइल फोटो। जागरण

कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज की फाइल फोटो। जागरण

HighLights

  1. बीज वितरण में कमी पर कृषि निदेशक ने जताई नाराजगी।

  2. अक्टूबर-नवंबर में प्रमंडल स्तरीय कृषि मेलों का आयोजन होगा।

राज्य ब्यूरो, रांची। कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की राज्य एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान निदेशक ने बिरसा बीज उत्पादन, वितरण एवं फसल विस्तार योजना तथा आत्मनिर्भरता - दलहन योजना की निदेशालय स्तर से जिलों को निर्धारित बीज की मात्रा शत-प्रतिशत उठाव नहीं होने और वित्तीय लक्ष्य के विरुद्ध कम उपलब्धि पर नाराजगी जताई।

उन्होंने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि रबी मौसम के बीजों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें। लैम्पस/पैक्स के अतिरिक्त निजी बीज आपूर्तिकर्ताओं तथा एफपीओ के माध्यम से बीज का उठाव एवं निर्धारित बैंक ड्राफ्ट अविलंब जमा कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। योजना के क्रियान्वयन को सरल बनाने के लिए जिला कृषि पदाधिकारियों के सुझावों के आलोक में जल्द ही सुधार करने का निर्देश दिया गया।

आधारभूत संरचना और कृषि मेला

सुदृढ़ीकरण और आधारभूत संरचना एवं ग्रामीण हाट बाजार योजना के तहत जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पूर्व में उपलब्ध कराए गए प्रस्तावों को नए एसओआर के आधार पर तैयार कर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करें और एक सप्ताह के भीतर निदेशालय को उपलब्ध कराएं। इस योजना के तहत संयुक्त कृषि भवन, हाट बाजार, प्रशिक्षण भवन एवं प्रयोगशाला का निर्माण किया जा सकता है।

कृषि मेला, कार्यशाला एवं प्रशिक्षण योजना की समीक्षा में सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को सूचित किया गया कि अक्टूबर-नवंबर माह में प्रमंडल स्तरीय जिला मुख्यालय में प्रमंडलीय कृषि व्यापार मेले का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक प्रमंडल को 40.00 लाख रुपये का आवंटन जारी किया जाएगा।

नोडल पदाधिकारी को पांचों प्रमंडल के जिला कृषि पदाधिकारियों के साथ अविलंब बैठक करने और राज्य स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

फसल सुरक्षा और सोलर पंप

फसल सुरक्षा कार्यक्रम योजना में वित्तीय उपलब्धि कम रहने पर निदेशक ने नाराजगी जताई। संबंधित पदाधिकारियों को फसल रक्षक की नियुक्ति से संबंधित रोस्टर क्लियरेंस दो दिनों के अंदर कराने और विज्ञापन प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया। योजना के तहत उपकरण, मशीन, यंत्र एवं रसायन की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से अविलंब कराने को कहा गया।

किसान समृद्धि योजना की समीक्षा में दो एसपी एवं पांच एचपी के सोलर पंपसेट का पुनरीक्षित लक्ष्य सभी जिलों को आवंटित किया गया। ई-केएसवाई करा चुके किसानों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिलाने और पंपसेट लगाने से पूर्व 10 प्रतिशत कृषक अंशदान की राशि प्राप्त कर लेने का निर्देश दिया गया।

अन्य योजनाओं की समीक्षा

पीडीएमसी योजना में कुछ जिलों में अमानक स्तर के उपकरणों की आपूर्ति पर नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह के अंदर नए उपकरणों का अधिष्ठापन पूर्ण करने और लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र अविलंब निदेशालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना में वर्षा के कारण मृदा नमूना संग्रहण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाने पर उसे अविलंब पूर्ण करने, एग्री क्लिनिक का लंबित भुगतान करने तथा प्रयोगशाला के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को भेजने का निर्देश दिया गया।

कृषि निदेशक अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में योजनाओं के नोडल प्रभारी एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए। 

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