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मुख्यमंत्री अबुआ आवास योजना पर 4400 करोड़ खर्च करेगी झारखंड सरकार, 6 लाख आवास निर्माणाधीन

Published: Wed, 11 Mar 2026 05:01 PM (IST)

झारखंड विधानसभा में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री अबुआ आवास योजना पर 4400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभा में बजट सत्र के 11वें दिन मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रश्नकाल के दौरान सदन को बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार मुख्यमंत्री अबुआ आवास योजना पर 4400 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास की राशि नहीं मिलने के चलते अबुआ आवास के लिए सर्वाधिक आवेदन आ रहे हैं। अब तक अबुआ आवास के लिए करीब 22 लाख आवेदन आ चुके हैं, जिसकी समीक्षा के बाद इनमें से 16 लाख आवेदन स्वीकृत भी हो चुके हैं।

करीब 6 लाख अबुआ आवास योजना पर चल रहा काम

राज्य में करीब छह लाख अबुआ आवास का काम चल रहा है। प्रत्येक अबुआ आवास के लिए राज्य सरकार दो लाख रुपये प्रति यूनिट खर्च करती है। अबुआ आवास के नाम पर अयोग्य लाभुकों का भी आवेदन आ रहा था, जिसका सर्वे कराया गया और अयोग्य आवेदनों को अस्वीकृत किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि संताल परगना में विभिन्न तरह के आवास जैसे पीएम आवास, अबुआ आवास, अंबेदकर आवास आदि पर काम चल रहा है। उन क्षेत्रों में करीब साढ़े सात लाख आवास निर्माण पर काम चल रहा है।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने लिट्टीपाड़ा से झामुमो के विधायक हेमलाल मुर्मू के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में यह बातें कहीं। विधायक हेमलाल मुर्मू ने सवाल उठाया था कि क्या प्रधानमंत्री आवास योजना की तुलना में मुख्यमंत्री अबुआ आवास की मांग अधिक है। उन्होंने सताल परगना क्षेत्र में वास्तविक लाभुकों को ग्रामीण आवास शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने व प्रधानमंत्री आवास योजना में वृद्धि की मांग की थी।

पाकुड़ में सड़क निर्माण के लिए फिर से होगा टेंडर, 20 दिनाें में होगा निष्पादित

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सदन को बताया कि पाकुड़ जिले के पीडब्ल्यूडी ऊंगरी टोला से बड़ा घघरी जतरा मंडप तक 4.150 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए फिर से टेंडर होगा। उसे 20 दिनों में निष्पादित किया जाएगा। इसपर काम चल रहा है। पूर्व के टेंडर के रद होने के पीछे की वजह पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कार्य प्रगति की समीक्षा के बाद ही उक्त टेंडर को रद किया गया था।

टेंडर रद होने का यह मामला लिट्टीपाड़ा से झामुमो के विधायक हेमलाल मुर्मू ने उठाया था। उन्होंने कहा था कि टेंडर आमंत्रित करने व उसे रद करने के कारण कर्मचारियों, अधिकारियों पर अतिरिक्त कार्य बोझ बढ़ते हैं। इससे विकास कार्य अवरुद्ध होते हैं। इससे आम जनता, सरकार व ठेकेदार को वित्तीय हानि होती है।

रेलवे ओवरब्रिज व अंडर ब्रिज को लेकर रेलवे मंत्रालय से पत्राचार करेगी सरकार

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सदन को बताया कि राज्य में अवस्थित विभिन्न रेलवे क्रासिंग पर सड़क के उपरी पुल (रेलवे ओवर ब्रिज) व सड़क पुल रेल अंडर ब्रिज को लेकर भारत सरकार के रेल मंत्रालय से पत्राचार किया जाएगा। राज्य सरकार केंद्र से आग्रह करेगी कि ऐसी पुल-पुलिया का जल्द निर्माण हो, ताकि सड़क दुर्घटनाओं व बाधित यातायात को सुचारू किया जा सके।

आरओबी व आरयूबी का यह मामला सदन में विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने उठाया था। उन्होंने सदन को बताया कि झारखंड राज्य में अवस्थित विभिन्न रेलवे क्रासिंग पर आरओबी व आरयूबी अधूरे व लंबित पड़े हैं, जिससे सड़क हादसे हो रहे हैं और यातायात बाधित होने की समस्या भी सामने आ रही है।

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