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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand: 15 लाख ईनामी माओवादी कमांडर अमन गंझू का आत्मसमर्पण, सुरक्षाबलों की सक्रियता से भागते फिर रहे नक्सली

By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
Published: Wed, 28 Dec 2022 03:19 PM (IST)

कभी बूढ़ा पहाड़ पर सक्रिय रहा 15 लाख ईनामी माओवादी कमांडर अमन गंझू ने आत्मसमर्पण कर दिया है। अमन गंझू ...और पढ़ें

बूढ़ा पहाड़ पर सक्रिय रहा 15 लाख ईनामी माओवादी कमांडर अमन गंझू ने किया आत्मसमर्पण।
बूढ़ा पहाड़ पर सक्रिय रहा 15 लाख ईनामी माओवादी कमांडर अमन गंझू ने किया आत्मसमर्पण।

रांची, राज्य ब्युरो: कभी बूढ़ा पहाड़ पर सक्रिय रहा 15 लाख ईनामी माओवादी कमांडर अमन गंझू ने आत्मसमर्पण कर दिया है। सितंबर महीने में झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के संयुक्त ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत बूढ़ा पहाड़ को नक्सलियों से खाली करा लिया गया था। अमन गंझू नक्सल  विरोधी अभियान के तहत नक्सलियों से बूढ़ा पहाड़ खाली होने के बाद से ही भागा फिर रहा था। 

बूढ़ा पहाड़ को खाली कराने के बाद बूढ़ा पहाड़ की चोटी पर झालूडेरा, लातेहार जिला में तीसिया एवं नवाटोली तथा झारखंड की सीमा से सटे छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला में पुनदाग में सुरक्षाबलों ने कैंप स्थापित किया है। सुरक्षाबलों के कैंप की बदौलत नक्सलियों को फिर से सक्रिय होने का मौका नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि उस इलाके में जो बचे हुए नक्सली है, वह या तो भागने की फिराक में हैं या फिर आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

भाकपा माओवादियों का रीजनल कमांडर अमन गंझू उर्फ अनिल गंझू उर्फ प्रमुख सिंह भोक्ता उर्फ काजू जी उर्फ काजू भोक्ता मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले के ढिबरा थाना क्षेत्र के झरना गांव का रहने वाला है। उसने रांची के जोनल आईजी पंकज कंबोज के कार्यालय में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के सीनियर अफसरों के सामने आत्मसमर्पण किया है।

बता दें कि, अमन गंजू के खिलाफ गढ़वा में 10 और लातेहार जिले में 7 मामले दर्ज हैं और गढ़वा के भंडारिया व रमकंडा थाने में सभी 10 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा लातेहार के बारेसाढ, महुआडांड़, छिपादोहर, चंदवा और लातेहार में 7 मामले दर्ज हैं।