जागरण संवाददाता राची : पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन 65 दिनों बाद रविवार को शुरू हो गया। करीब दोपहर 2 बजे राची रेलवे स्टेशन पहुंची पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में 1186 यात्री सवार थे। वहीं रांची स्टेशन से 2.25 के बजाय 3.25 में जनशताब्दी खुली और 1300 यात्री पटना के लिए रवाना हुए।

इधर, पटना से रांची पहुंचने के बाद यात्रियों के बीच शारीरिक दूरी का अनुपालन नहीं किया गया। जबकि अब तक जितनी भी ट्रेनें आ रहीं थीं उनमें इन बातों का विशेष ध्यान रखा जा रहा था। लेकिन जनशताब्दी ट्रेन के पहले ही दिन अव्यवस्था का आलम देखने को मिला। रेलवे की सारी तैयारिया ध्वस्त दिखी। स्टेशन के बाहर यात्रियों को अपने गृह जिलों तक जाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया था।

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पटना जाने के लिए यात्री दो घंटे पहले पहुंचे स्टेशन

इधर, राची रेलवे स्टेशन से पटना जाने वाली ट्रेन के लिए यात्री दो घटे पहले ही स्टेशन पर पहुंच गए। यहां बारी बारी यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की जा रही थी। शारीरिक दूरी का पालन करते हुए ही उन्हें स्टेशन में प्रवेश करने दिया गया। स्टेशन पर उनके बैठने के लिए व्यवस्था की गई थी। ट्रेन आने के डेढ़ घटे बाद ट्रेन को रवाना किया गया। ट्रेन को बकायदा सैनिटाइज किया गया। तब ही यात्रियों को ट्रेन में बैठने की अनुमति दी गई। करीब 13 सौ यात्री पटना से राची के लिए रवाना हुए।

सौ जोड़ी ट्रेन में झारखंड को एक भी नहीं : 100 जोड़ी ट्रेनों में झारखंड के लिए एक भी ट्रेन की व्यवस्था नहीं की गई थी। पटना राची जनशताब्दी भी बिहार कोटे की ट्रेन थी। झारखंड से खुलने वाली एक भी ट्रेनें नहीं दी गई हैं। इस ट्रेन को 3:25 में राची से पटना के लिए रवाना किया गया। हालाकि जनशताब्दी की टाइमिंग राची से खुलने का 2:25 बजे है। लेकिन ट्रेन को पूरी तरह से सेनेटाइज करके ही पटना वापस भेजा जाना था। इसीलिए इस ट्रेन को राची से देरी से रवाना किया गया।

Posted By: Jagran

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