ITBP अधिकारी को झारखंड हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत, प्रतिकूल एसीआर रद; 16 सप्ताह में समीक्षा के निर्देश
रांची हाई कोर्ट ने आईटीबीपी के मेडिकल अधिकारी डॉ. बिनोद कुमार सिंह को 2005 की प्रतिकूल एसीआर से बड़ी राहत ...और पढ़ें

अदालत ने अधिकारी के एसीआर में दर्ज प्रतिकूल टिप्पणी को रद किया।
HighLights
हाई कोर्ट ने आईटीबीपी मेडिकल अधिकारी की प्रतिकूल एसीआर रद की।
2005 की प्रतिकूल टिप्पणी से करियर पर पड़ा था असर।
आईटीबीपी को 16 सप्ताह में निष्पक्ष समीक्षा का निर्देश।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इंडो-तिब्बतन बार्डर पुलिस (आइटीबीपी) के मेडिकल अधिकारी डा बिनोद कुमार सिंह को बड़ी राहत देते हुए वर्ष 2005 की प्रतिकूल एसीआर (वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि) के आधार पर पारित आदेश को निरस्त कर दिया है।
अदालत ने आइटीबीपी के महानिदेशक को मामले की निष्पक्ष और नए सिरे से समीक्षा कर 16 सप्ताह के भीतर आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सात नवंबर 2017 को पारित आइटीबीपी के आदेश को भी निरस्त कर दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि वर्ष 2005 में जालंधर में तैनाती के दौरान तत्कालीन कमांडेंट ईश्वर सिंह दुहान ने कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कुछ बिलों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया था।
इंकार करने और मामले की शिकायत करने के बाद दुर्भावनावश उनकी एसीआर में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज कर दी गई, जिसका सीधा असर उनके करियर पर पड़ा। चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद उन्हें समय पर सीनियर मेडिकल आफिसर (डिप्टी कमांडेंट) के पद पर पदोन्नति नहीं मिली, जबकि उनके कनीय अधिकारियों को पदोन्नत कर दिया गया।
बाद में पदोन्नति तो मिली, लेकिन देरी के कारण उनकी वरीयता और आगे की पदोन्नतियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि नए आदेश में भी याचिकाकर्ता की अपील में उठाए गए महत्वपूर्ण तथ्यों और आरोपों पर विचार नहीं किया गया।
आदेश में केवल रिपोर्टिंग अधिकारी की टिप्पणियों को दोहराते हुए अपील खारिज कर दी गई। अदालत ने आइटीबीपी को निर्देश दिया कि पुनर्विचार के दौरान संबंधित रिपोर्टिंग अधिकारी की टिप्पणियों को आधार न बनाया जाए।
यदि उस अवधि के कोई अन्य पर्यवेक्षक (सुपरवाइजिंग कमांडेंट) सेवा में उपलब्ध हों तो उनके अभिलेखों के आधार पर एसीआर का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और उसके बाद नया कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए।
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