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AMU कनेक्शन और पाकिस्तान से तार: झारखंड हाई कोर्ट ने ISIS आतंकी उमर बहादुर की जमानत नामंजूर

Published: Mon, 20 Apr 2026 07:41 PM (IST)

झारखंड हाई कोर्ट ने आईएसआईएस से जुड़े उमर बहादुर उर्फ राहुल सेन की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सोशल ...और पढ़ें

आईएसआईएस आतंकी उमर बहादुर को नहीं मिली जमानत।

आईएसआईएस आतंकी उमर बहादुर को नहीं मिली जमानत।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने उमर बहादुर की जमानत याचिका खारिज की।

  2. एनआईए को उसके पास से भड़काऊ सामग्री मिली थी।

  3. वह सोशल मीडिया पर आईएसआईएस समूह चला रहा था।

राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की अदालत ने आईएसआईएस से संपर्क रखने के मामले में गिरफ्तार उमर बहादुर उर्फ राहुल सेन को जमानत देने से इन्कार कर दिया है।

सुनवाई के बाद खंडपीठ ने उसकी जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी। मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से की गई छापेमारी में उमर बहादुर उर्फ राहुल सेन के पास से भड़काऊ और कट्टरपंथी सामग्री बरामद हुई थी।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपित ने आतंकवादी प्रचार सामग्री फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर आईएसआईएस से जुड़े कई साइबर समूह बना रखे थे, जिनका संचालन वह स्वयं करता था।

जांच में यह भी सामने आया था कि वह आईएसआईएस के प्रशिक्षण और वैचारिक वीडियो का प्रचार-प्रसार कर युवाओं को देश विरोधी और हिंसक गतिविधियों के लिए उकसा रहा था।

उमर बहादुर को मुख्य आरोपित संदिग्ध आतंकी फैजान अंसारी की निशानदेही पर 14 सितंबर 2023 को मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट थाना क्षेत्र स्थित खजुरी दावड़ा गांव से गिरफ्तार किया गया था।

फैजान अंसारी की जमानत याचिका भी पहले ही झारखंड हाई कोर्ट से खारिज हो चुकी है। वह लोहरदगा के मिल्लत कॉलोनी का निवासी था। पूछताछ में यह जानकारी सामने आई थी कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान वह आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित हुआ था।

जांच एजेंसियों के अनुसार फैजान अंसारी गिरफ्तारी से करीब डेढ़ वर्ष पहले से आईएसआईएस के संपर्क में था और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए डार्क नेट का इस्तेमाल करता था।

इसके माध्यम से वह भारत में सक्रिय आईएसआईएस मॉड्यूल के सदस्यों के अलावा पाकिस्तान स्थित संपर्कों से भी जुड़ा हुआ था। सितंबर 2025 में उसने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।

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