रांची/नई दिल्ली, प्रेट्र। Indigo Airlines सात मई को बिरसा मुंडा रांची एयरपोर्ट पर दिव्यांग बच्चे को विमान पर बच्चे चढ़ने से रोकने के मामले में विमानन नियामक डीजीसीए ने जांच समिति की रिपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस के स्टाफ को प्रथम दृष्टया में दोषी माना है। रांची एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस द्वारा एक दिव्यांग बच्चे को विमान में नहीं बैठने से रोकने पर नियमों का उल्लंघन माना गया है। इसलिए इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इंडिगो एयरलाइन ने विगत नौ मई को कहा था कि बच्चे को विमान में बैठने से इसलिए इन्कार कर दिया गया क्योंकि वह भयभीत और असहज लग रहा था। नागरिक विमानन के महानिदेशक ने इस मामले की जांच की एक समिति गठित की थी। डीजीसीए ने सोमवार को ही समिति को इस संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस समिति की कार्यवाही कुछ सार्वजनिक रूप से होगी और पीड़ित परिवार की पहचान भी छिपाई गई है।

इस संबंध में न्याय के लिए एयरलाइन निजी सुनवाई का अवसर देगी। साथ ही अगले दस दिनों यानी 26 मई तक सुनवाई पर रिपोर्ट देनी होगी। ताकि कानून के तहत उचित कार्रवाई की जा सके।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट प्रबंधन शुरू में वीडियों फुटेज के आधार पर अभिभावकों को भी दोषी मान रहा था कि उनके द्वारा बच्चे को चाटा लगाया गया था, जिसके बाद बच्चा उग्र हो गया था। मगर, डीजीसीए की रिपोर्ट आने के बाद प्रबंधन के रूख पर थोड़ी नरमी देखने को मिली।

इस पूरे मामले में रांची एयरपोर्ट के निदेशक का कहना है कि इस संबंध में उन्हें आफिसियली को जानकारी नहीं मिली है। मगर, कुछ सूचनाएं जरूर मिली है। एयरलाइंस को चाहिए कि दोबारा इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न करें। यात्री सुविधा की प्राथमिकता का रखें ख्याल।

Edited By: Sanjay Kumar