राज्य ब्यूरो, राची : आयकर विभाग ने शाकंभरी ग्रुप और उसके सहयोगियों के झारखंड- बंगाल स्थित 20 ठिकानों पर दो दिनों तक छापेमारी की। छापेमारी में यह खुलासा हुआ कि इस ग्रुप ने सहयोगियों के साथ मिलकर 50 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स की चोरी की है। इससे संबंधित साक्ष्य भी आयकर विभाग को मिल गया है। छापेमारी में यह पाया गया कि इस ग्रुप के खातों में गड़बड़ी है। फर्जी निदेशकों वाले शेल कंपनियों के नाम पर हेराफेरी की गई है। छापेमारी के दौरान आयकर विभाग ने 50 लाख रुपये नकदी व तीन लॉकर बरामद किया। बही खातों में नगदी लेन देन में भी गड़बड़ी मिली है। आयकर विभाग ने पाया कि कंपनी ने नकदी का एक बड़ा हिस्सा फर्जी शेयर और शेल कंपनियों में दिखाया और इसमें 25 करोड़ की लेन देन की। इस खेल में आठ शेल कंपनिया शामिल थीं। कागजों पर इन कंपनियों के निदेशकों के रूप में रिश्तेदारों को नियुक्त किया गया था, जो आयकर विभाग की पूछताछ में यह स्वीकार किये की वे डमी डमी निदेशक थे और जहा भी समूह ने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा था, वे हस्ताक्षर कर देते थे।

आयकर विभाग ने छापेमारी में पाया कि उक्त समूह ने राची के बुंडू में 1458 एकड़ जमीन का एक बहुत बड़ा हिस्सा खरीदा है। जहा आवासीय अपार्टमेंट का निर्माण और बिक्री करके इसे विकसित करने की योजना थी। तलाशी के दौरान जुटाए गए सबूतों से आयकर विभाग को पता चला कि ग्रुप ने धोखाधड़ी से 300 एकड़ से ज्यादा वन भूमि अपने नाम दर्ज करा ली है। जाच में पाया गया कि भूमि की कीमत कम लगाई गई, ताकि रजिस्ट्री के दौरान उसका स्टांप शुल्क कम लगे। दलालों को करोड़ों में नकद में शुल्क का भुगतान किया गया। जमीन की खरीद के संबंध में अन्य खर्च भी करोड़ों में पाए गए।

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