रांची : झारखंड हाई कोर्ट ने दागी जनप्रतिनिधियों के मामले में राज्य सरकार, सीबीआइ और ईडी से अद्यतन रिपोर्ट मांगी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस एचसी मिश्र व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने पूछा है कि पूर्व एवं वर्तमान 56 माननीयों के खिलाफ दर्ज मामलों की वर्तमान स्थिति क्या है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट शपथ पत्र के माध्यम से अदालत में दाखिल करनी है। मामले में अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद होगी।

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता राजीव कुमार ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामलों को त्वरित गति से निपटाया जाना है, लेकिन राज्य में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने इनके खिलाफ दर्ज मामलों की रोजाना सुनवाई का आदेश दिया था, लेकिन जांच एजेंसियां इनके मामलों में सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और इनकी विस्तृत रिपोर्ट भी नहीं दी जाती है। इस पर अदालत ने सरकार, सीबीआइ और ईडी से लंबित मामलों की विस्तृत जानकारी मांगी है।

बता दें कि झारखंड अगेंस्ट करप्शन की ओर से इसको लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। इसमें जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई की मांग की गई है।

मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए तीन जगहों पर बनेगा प्लांट

रांची : झारखंड हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस एचसी मिश्र व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ में शुक्रवार को मेडिकल बायो वेस्ट के निस्तारण को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में कोई तालमेल नहीं है। फटकार लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार का काम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा क्यों किया जा रहा है। अदालत ने दोनों को एक साथ बैठकर मेडिकल बायो वेस्ट के निस्तारण को लेकर प्लान बनाने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी।

सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एक शपथ पत्र दाखिल किया गया। इसमें कहा गया है कि सिंदरी में नया प्लांट बनाया जाना प्रस्तावित है और इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। हालांकि, इसकी पर्यावरण स्वीकृति अभी लंबित हैं। इसके अलावे पाकुड़, डालटनगंज (मेदिनीनगर) और बरही में इंसीनिरेटर बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए विज्ञापन जारी किया गया है। इसका निर्माण मेसर्स ग्रीनलैंड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी करेगी। लोहरदगा और रामगढ़ का प्लांट कार्य कर रहा है। आदित्यपुर में नए प्लांट का निर्माण पूरा हो गया है, दो सप्ताह में इसके चालू होने की संभावना है। रिम्स और एमजीएम अस्पताल का अपना प्लांट है। इसमें यहां से निकलने वाले मेडिकल कचरे का निस्तारण किया जाता है। इस दौरान अधिवक्ता समावेश भंजदेव ने प्रार्थी की ओर से पक्ष रखा। बता दें कि झारखंड ह्यूंमन राइट्स कांफ्रेंस की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर मेडिकल बायो वेस्ट के उचित निस्तारण की मांग की है।

Posted By: Jagran

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