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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand: बन्‍ना गुप्‍ता को बर्खास्‍त करा के ही दम लेंगे सरयू राय... CM हेमंत को चौथी चिट्ठी

By Alok ShahiEdited By:
Published: Fri, 22 Apr 2022 08:22 PM (IST)Updated: Sat, 23 Apr 2022 05:44 AM (IST)

Jharkhand Latest News झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय ने एक बार फिर से मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखकर ...और पढ़ें

Jharkhand Latest News: झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन, बन्‍ना गुप्‍ता और सरयू राय।
Jharkhand Latest News: झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन, बन्‍ना गुप्‍ता और सरयू राय।

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Latest News कोविड प्रोत्साहन घोटाला राशि को लेकर राज्य के सियासी गलियारे में उठा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा केस करने की धमकी के बावजूद पूर्व मंत्री और विधायक सरयू राय कदम वापस खींचने को तैयार नहीं हैं। विधानसभा कमेटी के दौरे पर फिलहाल उत्तर-पूर्व के राज्यों का भ्रमण कर रहे सरयू राय ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया कि मंत्री बन्ना गुप्ता पूरे घोटाले पर पर्दा डालने के लिए संदिग्ध एवं षड्यंत्रकारी गतिविधियों में लग गए हैं।

बकौल मंत्री, उन्हें विश्वसनीय सूचना मिली है कि जिन अनधिकृत कर्मियों के नाम मंत्री ने संचिका में कोविड प्रोत्साहन राशि के लिए अनुमोदित एवं स्वीकृत किया है, मंत्री कोषांग उनसे उनका बैंक खाता संख्या मांग रहा है ताकि पता कर सकें कि स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वीकृत कोविड प्रोत्साहन राशि का भुगतान राजकीय कोषागार से उनमें से किन-किन कर्मियों के खाता में पहुंचा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंत्री बन्ना गुप्ता को बर्खास्त करने की मांग दोहराते हुए सरयू राय ने पत्र में लिखा है - मैं आपके ध्यान में यह तथ्य लाना चाहता हूं कि स्वास्थ्य मंत्री ने अपने साथ-साथ जिन अनधिकृत कर्मियों को कोविड प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने के लिए आदेश दिया है और इसके लिए जैसी दूषित, आपराधिक एवं भ्रष्ट प्रक्रिया अपनाया है, उसका सबूत, वे चाहे जो कर लें, मिटा नहीं सकते। इसे झुठलाने का उनका कोई भी षड्यंत्र सफल नहीं हो सकता।

दो सूचियां भेजी गई अनुमोदन के लिए

सरयू राय ने पत्र में जिक्र किया है कि बन्ना गुप्ता द्वारा स्वीकृति एवं अनुमोदन के लिए विभाग को दो सूचियां भेजी गई। एक सूची मंत्री कोषांग ने मंत्री के आदेश से तैयार किया था और दूसरी सूची इसके लिए विभाग में गठित त्रि-सदस्यीय समिति ने तैयार किया था। मंत्री ने दोनों सूचियों को अनुमोदित किया और इनके भुगतान की स्वीकृति का आदेश संचिका पर दिया। इसके बाद विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा भुगतान की अधिसूचना निकाली गई। मंत्री कोषांग के कर्मियों और विभागीय सूची के कर्मियों के कोविड प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने के लिए विभाग ने अलग-अलग कार्यालय आदेश संख्या निकाला। एक ही संख्या वाले दोनों ही कार्यालय आदेश स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार सिन्हा के हस्ताक्षर से निकाले गए।

मंत्री कोषांग की सूची भानुमति का कुनबा

सरयू राय का आरोप है कि मंत्री कोषांग द्वारा तैयार सूची भानुमति का कुनबा है। कोविड प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिये मंत्री की सहमति से तैयार किया गया मंत्री कोषांग के 60 सदस्यीय कुनबे में मंत्री को साथ दो आप्त सचिव, दो निजी सचिव, एक चर्या लिपिक, एक टीवीएनएल, एक एनएचएम, दो सिविल सर्जन , रांची, एक सर्व शिक्षा अभियान, एक रिम्स, छह बाह्यस्त्रोत, सात एसएसपी, रांची, तीन विशेष शाखा, एक एसपी चाईबासा, 12 एसएसपी जमशेदपुर, 10 जैप-1, एक एसपी सिमडेगा और एक विधानसभा के कर्मी यानी कुल 60 लोग हैं।

मंत्री कोषांग के अधिकृत-अनधिकृत कर्मियों से उनका बैंक खाता संख्या मांगकर मंत्री कोषांग एक कुतर्क के पक्ष में सामग्री जुटाने की साजिश में जुटा है कि मंत्री सहित कोषांग के अमुक-अमुक कर्मियों के बैंक खाता में तो प्रोत्साहन राशि का भुगतान पहुंचा ही नहीं, तब इसका आदेश देने वाले मंत्री दोषी कैसे हैं ? यही कुतर्क देते हुए मुझ पर मुकदमा करने की धमकी मंत्री ने दी है। मंत्री साबित करना चाहते हैं कि उनका बिल लैप्स (कालबाह्य) हो गया, राशि दिए गए बैंक खाता में पहुंची ही नहीं तो भला मैं कैसे दोषी हूं। मंत्री का यह कुतर्क वैसा ही है जैसे कोई डाका डालने वाला कहे कि मैंने जिस घर में डाका डाला, उस घर से कुछ मिला ही नहीं।