रांची, जासं। Happy Basant Panchami 2021 Wishes: विद्यादायिनी मां सरस्वती के पूजन दिवस के मौके पर सुबह से ही शुभकामनाओं का दौर चल रहा है। लोग-बाग कामना कर रहे हैं कि मां शारदा के आशीर्वाद से सभी के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैले, सभी खुशहाल हों। छात्र-छात्राएं और युवा एक दूसरे को आप सभी को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं के साथ गुलाल लगाकर बसंत पंचमी का त्‍योहार मना रहे हैं।  

वसंत पंचमी पर पंडालों में हो रही मां सरस्वती की पूजा, पूरे दिन रहेगी पंचमी, ऐसे करें मां की पूजा

शहर में वसंत पंचमी को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग सुबह से ही अपने घर की साफ-सफाई में लगे दिखे। इसके साथ ही घरों में पूजा स्थान को विशेष रूप से मां की आराधना के लिए सजाया गया है। इसके साथ ही गली मुहल्लों में विभिन्न स्थानों पर मां की पूजा के लिए पंडाल बनाए गए हैं। इसके अलावा स्कूल और कालेजों में मां सरस्वती की पूजा के लिए विशेष आयोजन किया जा रहा है। रांची विवि, रांची विमेंस कालेज, यूनियन लाइब्रेरी आदि स्थानों पर मां की पूजा का विशेष इंतजाम किया गया है। 

कोरोना वैक्सीन के साथ दिख रही मां

शहर के कई पंडालों में मां सरस्वती की ऐसी प्रतिमा का निर्माण किया गया है जिसमें मां की हाथ में कोरोना की वैक्सीन दिख रही है। पूजा क्लब के प्रबंधक के बताया कि मां के दिए ज्ञान के कारण ही कोरोना जैसी जानलेवा और भयानक महामारी का वैक्सीन तैयार किया जा सका है। इसलिए मां की ऐसी प्रतिमा हमने आडर देकर तैयार करायी है। इस वर्ष मां की पूजा कोरोनाहंती के रूप में की जाएगी। 

10 से 12 फीट ऊंची बनी है मां की प्रतिमा

कोरोना संक्रमण के बार लगभग 10 महीने बाद ऐसा सरस्वती पूजा ऐसा मौका है जब मूर्ति की लंबाई को लेकर सरकार या जिला प्रशासन की तरफ से कोई गाइडलाइन जारी नहीं किया गया। ऐसे में मां की प्रतिमा का हाइट दुर्गा पूजा औऱ काली पूजा से ज्यादा है। वसंत पंचमी की पूजा के लिए मां की प्रतिमा कई स्थानों पर 10 से 12 फीट तक ऊंची बनाई गयी है। 

ऐसे करें मां की पूजा

वसंत पंचमी के दिन भक्त को प्रातः काल में उठकर घर तथा पूजा के स्थान की पूरी सफाई करनी चाहिए। इसके बाद स्नान करके सफेद या पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद मां की प्रतिमा या फोटो को पूजा के स्थान पर स्थापित करें। सबसे पहले भगवान गणेश और नवग्रह की पूजा करें। इसके बाद मां सरस्वती की पूजा करें। मां को पहले गंगा जल से स्नान कराएं।

इसके बाद पीले फूल, दीप, धूप, पीला गुलाल, गंघ आदि अर्पित करें। मां सरस्वती को पीले फूल या सफेद फूलों की माला अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद मां को श्रृंगार सामग्री भी भेंट और सफेद रंग का वस्त्र चढ़ाएं। मां को भोग में खीर, मालपुआ या सफेद रंग की मिठाई अर्पित करें। इसके बाद जप और सरस्वती वंदना करें।

Edited By: Alok Shahi