रांची [संजीव रंजन]। टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन से झारखंड में भी उल्लास का माहौल है। झारखंड खिलाड़ियों का मानना है इस जीत से झारखंड में हॉकी का विकास और तेजी से होगा। अब यहां के बच्चे के हाथों में क्रिकेट का बल्ला ही नहीं हॉकी कास्टिक भी होगा। पिछले 40 साल से पद को का जो सूखा था उससे हॉकी के विकास की जो गति होनी चाहिए थी वह नहीं हो पाई। लेकिन इस जीत से हॉकी एक बार फिर से अपने पुराने मुकाम तक पहुंचेगी।

किसी भी खेल के विकास में इस तरह की जीत युवाओं को काफी आकर्षित करती है। जस्ता 1983 के विश्व कप के बाद भारत में क्रिकेट की दशा और दिशा बदली है ठीक उसी तरह टोक्यो ओलिंपिक का अकाश पदक यहां के हॉकी की दिशा और दशा में बदलाव करेगा। पूर्व ओलंपियन मनोहर टोपनो ने भारतीय जीत को यादगार बताते हुए कहा कि यह जीत झारखंड की हॉकी के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। युवाओं की जो रुचि इस खेल के प्रति कम हुई थी वह बढ़ेगी और ने प्रतिभा सामने आएंगे। महिला हॉकी में तो हम लोगों ने हमेशा शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन पुरुष हॉकी में हमारी टीम अपेक्षा अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर ना कर पाती रही है। लेकिन यह जीत पुरुष हॉकी के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।

पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विमल लकड़ा ने कहा हॉकी के विकास के लिए यह जीत बहुत ही आवश्यक है।इस जीत से नासिक युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा बल्कि राज सरकार भी खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। हॉकी झारखंड झारखंड के गांव-गांव में खेला जाता है लेकिन आधारभूत संरचना के अभाव में उनकी प्रतिभा निखर कर सामने नहीं आ पाती है। संभावना है कि इस जीत से प्रेरित होकर राज में चल रहे हॉकी के सेंटरों में तथा गांव में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए ताकि नए खिलाड़ी सामने आ सके।

Edited By: Vikram Giri