गुमला, जेएनएन। जिले के अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन की अनुपलब्धता गरीबों के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है इसे गुमला के कामडारा क्षेत्र की छात्रा संजना कुमारी की मौत की घटना से समझा जा सकता है। गरीब संजना सरकारी अस्पताल के इलाज पर ही निर्भर थी और उसके माता-पिता के पास इतने पैसे नहीं थे कि कहीं और पैसे खर्च कर इंजेक्शन लगवा लें। डेढ़ महीने तक अस्पताल दर अस्पताल भटकने के बाद एंटी रैबीज वैक्सीन की आस में आखिरकार संजना ने दम तोड़ दिया।

मैट्रिक की छात्रा संजना को जनवरी में गांव में ही एक कुत्ते ने काटा था, लेकिन डेढ़ महीने तक अलग-अलग अस्पतालों में भटकने के बाद भी उसे एंटी रैबीज वैक्सीन नसीब नहीं हुई। कुत्ते ने उसके भाई को भी काटा है।  परिवार वाले उसे लेकर भी चिंतित हैैं। वहीं अब छात्रा की मौत के बाद उन दोनों भाई-बहन के संपर्क में आने वाले दर्जनों बच्चे और उनके परिवारवाले भी डरे हुए हैं।

घटना कामडारा प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत चोरविंदा गुर्री टोली की है। रामपुर के मुखिया रोसालिया सोरेंग ने बताया कि संजना मैट्रिक की परीक्षार्थी थी। तीन विषयों की परीक्षा भी दे चुकी थी। मृत छात्रा के पिता विसेंट डुंगडुंग और माता सिसिलिया डुंगडुंग ने बताया कि संजना उनकी इकलौती पुत्री थी। 14 जनवरी को कुत्ता काटने के बाद वे लोग उसका इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पतालों की दौड़ लगाने लगे।

27 जनवरी को संजना का इलाज कराने कामडारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन वहां एंटी रैबीज सूई नहीं मिली। परिजन कोनबीर मिशन अस्पताल और कोलेबिरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी गए। वहां भी सूई नहीं मिली। इसके बाद परिवार वाले मायूस होकर झाड़-फूंक कराने लगे। थोड़े दिनों बाद संजना के  पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया और वह अचानक कुत्ते जैसा व्यवहार करने लगी।

तबीयत बिगडऩे पर उसे कोनबीर अस्पताल ले जाया गया। यहां से चिकित्सकों ने रिम्स रेफर कर दिया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। कहा कि यह 72 घंटे तक ही ङ्क्षजदा बचेगी। और हुआ भी यही। कुत्ते ने उसके भाई अरविंद को भी काटा था। उसका इलाज कराया जा रहा है। छात्रा की मौत के बाद चोरविंदा गांव में भय का माहौल है।

इस हादसे में जान गंवाने वाली छात्रा संजना साथ में खेलने के कारण वायरस से संक्रमित लोगों में वेनेदिकता केरकेट्टा, गुलशन डुंगडुंग, सुजाता डुंगडुंग, दिव्या डुंगडुंग, प्रमित सोरेंग, अंजनी डुंगडुंग, सुष्मिता डुंगडुंग, एरमा सोरेंग, विसेंट डुंगडुंग, सिसिलिया डुंगडुंग, संतरा डुंगडुंग के नाम शामिल हैं। सभी लोग 25 फरवरी को सूई लगवाने गुमला सदर अस्पताल पहुंचे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कामडारा में एक माह पहले 20 वायल एंटी रैबिज वैक्सीन उपलब्ध कराई गई थी। पागल कुत्ते के काटने पर रोगी को सात वायल और पालतू कुत्ते के काटने पर तीन वायल इंजेक्शन देने का प्रावधान है। एंटी रैबिज की कमी की जानकारी गुमला सिविल सर्जन को दी जा चुकी है। डॉ.ए मकेएम शाही, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सीएचसी कामडारा।

Posted By: Alok Shahi

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