रांची,राब्यू। राज्य में झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 लागू हो गया है। संबंधित विधेयक पर राज्यपाल रमेश बैस की स्वीकृति मिलने के बाद राज्य के विधि विभाग ने अधिनियम लागू होने से संबंधित अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी। झारखंड विधानसभा ने इसी साल मानसून सत्र में इससे संबंधित विधेयक को पारित किया था। इस मुक्त विश्वविद्यालय (ओपेन यूनिवर्सिटी) में अगले साल जुलाई माह से दूरस्थ माध्यम से पढ़ाई शुरू हो सकती है। लागू अधिनियम के अनुसार, झारखंड के राज्यपाल झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय (ओपेन यूनिवर्सिटी) के चांसलर (कुलाधिपति) होंगे।

राज्य सरकार इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पांच करोड़ रुपये वन टाइम ग्रांट उपलब्ध कराएगी। इसके बाद यह विश्वविद्यालय अपने खर्च से संचालित होगा। पाठ्यक्रमों की मान्यता का प्रस्ताव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भेजा जाएगा। इस खुला विश्वविद्यालय में दूरस्थ माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर के अलावा सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जाएंगे। इनके अलावा रोजगार और कौशल विकास से संबंधित भी कई कोर्स संचालित होंगे। अधिनियम लागू होने के बाद अब होगा पदसृजन- अधिनियम लागू होने के बाद अब कुलपति, प्रति कुलपति, रजिस्ट्रार व अन्य पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे पहले इनका पद सृजन किया जाएगा।

Edited By: Kanchan Singh