रांची/गिरिडीह, जेएनएन। गिरिडीह पुलिस की स्मॉल एक्शन टीम (सैट) के जवानों ने सोमवार की रात गुंडागर्दी की हद पार कर दी। रिम्स की एक महिला डॉक्टर अदिति कश्यप की कार का घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 18 किलोमीटर तक पीछा किया। ओवरटेक कर गाड़ी रोकी, डॉक्टर के चालक को गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला और एके-47 की बट से मारकर जख्मी कर दिया। बीचबचाव करने पर महिला चिकित्सक से भी दुर्व्‍यवहार किया। जवान सादे लिबास में थे और सफेद स्कार्पियो में स्कूटी का नंबर जेएच-11 के-2319 लगाकर चल रहे थे।

इस घटना को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने गंभीरता से लिया है। मंत्रियों ने दो टूक कह दिया है कि ऐसी पुलिसिंग यहां नहीं चलेगी। दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश मिलने के बाद एसपी गिरिडीह सुरेंद्र कुमार झा ने सैट के दोषी दो जवानों राजेंद्र कुमार व कुमार वरदराज भास्कर को मंगलवार को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर एसपी गिरिडीह को कार्रवाई का आदेश दिया। एसपी ने रीट्वीट कर पूरे मामले की जानकारी दी है।

रांची से देवघर के लिए निकली थीं डॉक्टर अदिति

डा. अदिति कश्यप ने गिरिडीह के टाउन थाने में इस पूरे मामले में लिखित शिकायत की हैं। उन्होंने आवेदन में बताया है कि वह अपने ड्राइवर शहंशाह सिंह के साथ सोमवार की शाम रांची से देवघर के लिए अपनी टाटा नेक्सान कार से रवाना हुई थीं। गिरिडीह के डुमरी में दो ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। उनकी कार किसी तरह वहां से निकली और एक बलेनो व एक स्कार्पियो को ओवरटेक कर आगे बढ़े। इसके बाद से ही स्कार्पियो ने उनकी कार का पीछा करना शुरू कर दिया।

घनघोर जंगल क्षेत्र में स्कार्पियो सवार गाड़ी के समानांतर आकर गाली देते हुए गाड़ी रोकने को कह रहे थे। डॉक्टर डर गईं और चालक से बोलीं कि जहां पुलिस दिखे, वहीं गाड़ी रोके, क्योंकि जगह सुरक्षित नहीं है। इसी बीच डॉक्टर ने स्कार्पियो का नंबर भी नोट किया। जब उन्होंने ऑनलाइन सर्च किया तो वह नंबर स्कूटी का निकला। इसके बाद डॉक्टर डर गईं। उन्होंने ड्राइवर से कहा कि गाड़ी किसी भी कीमत पर नहीं रोकनी है।

करीब 18 किलोमीटर की भागमभाग के बाद गिरिडीह के कोलडीहा पेट्रोल पंप पर पहुंचे और फिर स्कार्पियो को पास दी। इसके बाद ही स्कार्पियो पर सवार एके-47 से लैस सादे लिबास में 10-12 लोग उतरे और गाली देते हुए मारपीट व तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। चालक के गले से सोने की चेन भी लूट ली गई। महिला डॉक्टर के बीचबचाव व परिचय देने का भी कोई लाभ नहीं हुआ। जब महिला डॉक्टर ने चिल्लाना शुरू किया, तब वे लोग भाग निकले। इसके बाद डॉक्टर अदिति गिरिडीह टाउन थाना पहुंचीं और लिखित शिकायत कीं।

'मुझे अब तक प्राथमिकी का नंबर नहीं मिला है। गिरिडीह पुलिस अपने विभाग के जवानों को बचाने की कोशिश में जुटी है। न्याय की उम्मीद कम लग रही है।' -डा. अदिति कश्यप, भुक्तभोगी।

'जवान वर्दी में थे। डॉक्टर की गाड़ी को रोकने का इशारा किया तो उनकी गाड़ी नहीं रुकी। उग्रवादी या अपराधी का शक होने पर पीछा किया गया। तोडफ़ोड़ व मारपीट करना गलत है, इसलिए दो जवान निलंबित किए गए हैं। मामले की जांच जारी है।' -सुरेंद्र कुमार झा, एसपी, गिरिडीह।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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