रांची {मनोज सिंह} । चारा घोटाले के आरोपित बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। फिलहाल उनका शुगर, बीपी और क्रिएटिनिन बढ़ा हुआ है। ऐसे में लालू अपनी किडनी ट्रांसप्लांट करा सकते हैं। इसको लेकर उनके स्वजन विचार कर रहे है। उनके करीबी सूत्रों के अनुसार इसके लिए लालू प्रसाद जल्द ही कोर्ट जा सकते हैं। इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि लालू प्रसाद यादव का किडनी ट्रांसप्लांट देश में कराया जाए या फिर विदेश के किसी बड़े अस्पताल में। बढ़ती उम्र की वजह से लालू प्रसाद को कई बीमारियों ने घेर लिया है।

पिछले दिनों जब लालू प्रसाद यादव को एक मामले में सजा मिली थी, तो करीब दो साल तक उनका इलाज रिम्स में चल था। लेकिन कोरोना काल में तबीयत खराब होने पर उन्हें दिल्ली स्थित एम्स भेजा गया था। सूत्रों की मानें तो लालू प्रसाद की क्रिएटिनिन का लेवल साढे़ तीन से चार तक पहुंच गया है, जो उनकी किडनी को काफी क्षति पहुंचा रहा है। इसलिए उनके स्वजनों की चिंता बढ़ गई है। एम्स और गंगाराम अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार किडनी ट्रांसप्लांट ही एक मात्र विकल्प बचा है।

यह है प्रक्रिया

फिलहाल लालू प्रसाद यादव को हाई कोर्ट या सिविल कोर्ट से इलाज (किडनी ट्रांसप्लांट) कराने के लिए अनुमति लेनी होगी। इसके लिए उन्हें अदालत में आवेदन के साथ-साथ अपनी मेडिकल रिपोर्ट पेश करनी होगी। अगर लालू प्रसाद की ओर से पासपोर्ट जमा किया गया होगा, तो उसे कोर्ट से रिलीज कराना होगा। तभी वे देश के बाहर अपना इलाज करा पाएंगे।

पटना की कोर्ट में हुए पेश

फिलहाल मंगलवार को पटना की एक अदालत में चारा घोटाले से संबंधित मामले में उनकी पेशी हुई। यहां पर उन्होंने बीमारी का हवाला देकर पेशी से छूट मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। लालू प्रसाद पर झारखंड में कुल पांच मामले चल रहे थे। इनमें उन्हें चार मामलों में सजा मिल चुकी है। फिलहाल लालू प्रसाद यादव चारों मामलों में जमानत पर चल रहे हैं। हालांकि रांची सीबीआइ की विशेष अदालत में चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले में डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू प्रसाद की ओर से 29 नवंबर से बहस की जानी है। इसके बाद इस मामले में अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

Edited By: Kanchan Singh