रांची, जेएनएन। गिरिडीह जिले की डुमरी पुलिस की तत्परता से गुरुवार को चौदह वर्ष की अनाथ किशोरी बिकने से बच गई। किशोरी को उसके मामा और मामी ही बेच रहे थे। किशोरी अपने भाई के साथ डुमरी के चेंगड़ो में मामा के घर रहती है। पुलिस ने उसे खरीदने आए उत्तर प्रदेश के दो लोगों के अलावा मामा, मामी और एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई उसके छोटे भाई की शिकायत पर की। किशोरी का छोटा भाई गुरुवार की शाम रोता रोता दौड़ता हुआ डुमरी थाना पहुंचा था। बहन को बचाने की गुहार डुमरी पुलिस से लगाई थी।

उसने पुलिस को बताया कि बहन को मामा-मामी बेच रहे हैं। डुमरी थाना प्रभारी उपेंद्र राय बच्चे को लेकर तत्काल चेंगड़ो पहुंचे। पुलिस को देख किशोरी रोने लगी। बताया कि उसके माता-पिता नहीं हैं। भाई के साथ मामा कामेश्वर दास के घर रहती है। मामा-मामी उसे बेचकर शादी करवा रहे हैं। उसको खरीदने आए यूपी शाहजहांपुर के सिकरायन निवासी गया प्रसाद, हरदोई निवासी अर्जुन दास, किशोरी के मामा कामेश्वर दास, मामी तजनी देवी और कामेश्वर दास के बड़े भाई की पत्नी रेणु देवी को पकड़ लिया गया।

गया प्रसाद ने स्वीकार किया कि  भांजे अर्जुन दास की किशोरी के साथ शादी के मकसद से उसके मामा कामेश्वर दास से 15 हजार में सौदा हुआ। अग्रिम 5 हजार रुपये दे दिए थे। बाकी बाद में देना था। गुरुवार को साथ ले जाने के लिए आए थे। 

मामला दर्ज करते हुए पांच लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उपेंद्र राय, थाना प्रभारी, डुमरी, गिरिडीह।

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