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पलामू के किसानों के लिए खुशखबरी: ट्रैक्टर, पावर टिलर और थ्रेशर पर मिलेगी 80% तक सब्सिडी

Published: Sat, 17 Oct 2026 05:23 PM (IST)

पलामू के किसानों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि यंत्रों की खरीद पर पीएम-आरकेवीवाई-रफ्तार योजना के तहत 80% तक अनुदान ...और पढ़ें

ट्रैक्टर, पावर टिलर और थ्रेशर पर मिलेगी 80% तक सब्सिडी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

ट्रैक्टर, पावर टिलर और थ्रेशर पर मिलेगी 80% तक सब्सिडी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. कृषि यंत्रों की खरीद पर 80% तक अनुदान

  2. पीएम-आरकेवीवाई-रफ्तार योजना के तहत लाभ

  3. आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026

कुंदन सिन्हा, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू जिले के किसानों के लिए कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान प्राप्त करने का अवसर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित पीएम-आरकेवीवाई-रफ्तार योजना के तहत सब मिशन आन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) उपयोजना से किसानों और कृषक समूहों को अनुदानित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। 

इसके लिए जिला भूमि संरक्षण विभाग में इच्छुक किसान और कृषक समूह 25 अक्टूबर 2026 तक आवेदन के माध्यम से योजना का लाभ ले सकते हैं।

योजना के तहत ग्राम स्तरीय कृषि उपकरण बैंक की स्थापना के साथ विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जाएगा। 

इसमें पावर टिलर, सेल्फ प्रोपेल्ड पावर वीडर, राइस ट्रांसप्लांटर, क्राप रीपर, ट्रैक्टर चालित कृषि उपकरण, एमबी प्लाऊ, केज व्हील, कल्टीवेटर, मल्टी क्राप थ्रेसर, पैडी थ्रेसर, रोटावेटर, जीरो टिल सीड ड्रिल जैसे उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा मिनी राइस मिल, मिनी दाल मिल, विभिन्न प्रकार के स्प्रेयर और सिंचाई पंपों पर भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अनुदान मिलेगा।

कृषि उपकरण बैंक पर 80 प्रतिशत तक अनुदान

ग्राम स्तरीय कृषि उपकरण बैंक की स्थापना के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये की परियोजना लागत पर 80 प्रतिशत अथवा अधिकतम आठ लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान है। अन्य कृषि यंत्रों के लिए उनकी श्रेणी के अनुसार प्रति इकाई अनुदान राशि निर्धारित की गई है। इससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने और खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी।

कृषक समूहों और संस्थाओं को मिलेगा लाभ

योजना के क्रियान्वयन में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की ओर से स्वयं सहायता समूहों की सूची उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो विलेज आर्गेनाइजेशन (वीओ), लैम्प्स-पैक्स, क्लस्टर फेडरेशन, सहकारी समितियों, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और जलछाजन समितियों के माध्यम से भी योजना का कार्यान्वयन किया जा सकेगा। 

जिन किसानों या कृषक समूहों ने पहले ही विभाग अथवा किसी अन्य केंद्र प्रायोजित या राज्य योजना के माध्यम से कृषि उपकरण बैंक स्थापित किया है या कृषि यंत्र प्राप्त किए हैं, वे पूर्व में प्राप्त यंत्रों को छोड़कर अन्य पात्र कृषि यंत्रों के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रत्येक किसान का एक वित्तीय वर्ष में केवल एक आवेदन स्वीकार किया जाएगा।

कृषक समूहों को योजना से जुड़ने के लिए केवल आवेदन विभाग के पास जमा करना है। योजना के तहत सभी वर्ग योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। - मुकेश कुमार, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी पलामू।

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