रांची, राज्य ब्यूरो । यूडायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फारमेशन सिस्टम फार एजुकेशन) प्लस के लिए जिलों द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़ों को सही मानें तो वर्ष 2019-20 की अपेक्षा वर्ष 2020-21 में राज्य के स्कूलों (सरकारी एवं गैर सरकारी) में 1.75 लाख कम नामांकन हुआ। इस तरह कोरोना का असर बच्चों के नामांकन पर पड़ा। हालांकि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह आंकड़ा एक बार फिर सत्यापित करने को कहा है। आंकड़े पूरी तरह सत्यापित करने के बाद ही इसे फ्रीज करने को कहा गया है।

जिलों द्वारा अपलोड किए गए आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में नामांकन में अधिक गिरावट आई है। इनमें नामांकन में सबसे अधिक गिरावट रांची में आई है। यहां लगभग 50 हजार नामांकन कम हुआ। 2,778 स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में नामांकन में भी गिरावट आई है। वर्ष 2019-20 की अपेक्षा पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में 1.97 लाख नामांकन में गिरावट है जिसे चिंताजनक बताया गया है।

इतना ही नहीं वर्ष 2019-20 की अपेक्षा वर्ष 2020-21 में दिव्यांग बच्चों में 9,872 बच्चों का नामांकन कम हुआ। इनमें सबसे अधिक 2,242 बच्चे रांची के हैं। 282 स्कूलों में नामांकन शून्य बताया गया है, जिनमें से 154 स्कूलों में वर्ष 2019-20 में नामांकन हुआ था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि ये स्कूल बंद हो गए हैं। बता दें कि केंद्र के निर्देश पर प्रतिवर्ष स्कूलों से संबंधित पूरी जानकारी यूडायस पोर्टल पर अपलोड की जाती है। बाद में सत्यापित आंकड़े केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए जाते हैं।

शिक्षकों की संख्या में भी आई कमी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या में भी कमी आई है। यूडायस प्लस पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़ों के अनुसार, 205 ऐसे स्कूल हैं जहां पांच या इससे अधिक कार्यरत शिक्षकों की संख्या में कमी आई है। 126 स्कूलों में शिक्षकों की संख्या शून्य दर्शाई गई है।

इन जिलों में नामांकन में सबसे अधिक गिरावट

रांची : 50,565, धनबाद : 28,129, पूर्वी सिंहभूम : 21,399, बोकारो : 18,185, पश्चिमी सिंहभूम : 16,228, रामगढ़ : 11,360, खूंटी : 9,228, हजारीबाग : 8,763

Edited By: Vikram Giri