जागरण संवाददाता, रांची : अमेरिकी दूतावास तथा एनजीओ शक्ति वाहिनी ने मिलकर मानव तस्करी को रोकने के लिए रांची के रेडिशन ब्लू होटल में कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें पश्चिम बंगाल में स्वयंसिद्धा अभियान के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया कि कैसे इस अभियान के द्वारा स्कूली लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए प्रयास किए गए हैं। इस कार्यक्रम में यूएस काउंसलेट जेनरल कोलकाता की सोनिया लाउल, शक्ति वाहिनी के अध्यक्ष रविकांत, झारखंड पुलिस के अधिकारी अनुराग गुप्ता, माध्यमिक शिक्षा विभाग के उपाध्यक्ष राम यतन राय, झारखंड स्टेट लीगल सर्विस ऑथिरिटी के सचिव अरुण कुमार राय, बाल अधिकारों से जुड़ी आरती कुजूर आदि लोग सम्मिलित थे। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को मानव तस्करी को खत्म करने के लिए सशक्त बनाना है।

वैश्विक समस्या है मानव तस्करी

अमेरिकी राजनैतिक तथा आर्थिक अधिकारी सोनिया लॉल ने कहा कि मानव तस्करी एक वैश्विक समस्या है। इसे रोकने के लिए युवा नेताओं को सशक्त करने की जरूरत है। जब वे सशक्त होंगे तब हम परिवर्तन देख पाएंगे। वे सतर्क, सावधान तथा नेतृत्व करने को हमेशा तैयार हैं। अमेरिका मानव तस्करी से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय नेताओं को एक साथ लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बच्चों को समस्या से अवगत कराना जरूरी

इस कार्यशाला में शक्ति वाहिनी के प्रेसिडेंट रवि कांत ने प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव तस्करी एक संगठित अपराध है और इन वर्षो में यह कई आयामों में विकसित हुआ है। नेशनल क्राइम रिका‌र्ड्स ब्यूरो द्वारा रिपोर्ट किए गए गुम हुए बच्चों का डाटा समस्या की भयावहता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों तथा उनके अभिवावकों को इस समस्या से अवगत कराना बेहद जरूरी है ताकि वे तस्करों के डिजायनों से अवगत हो सकें। राम यतन यादव ने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि एक भी बच्चा स्कूल की प्राथमिक शिक्षा से वंचित न हो। उन्होंने कहा कि उनका विभाग लगातार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सुधारों को बेहतर करने के लिए प्रयासशील है। अनुराग गुप्ता ने कहा कि झारखंड की ट्राइबल लड़कियां मानव तस्करी का सर्वाधिक शिकार होती हैं। इसे रोकने के लिए जागरूकता की जरूरत है।

Posted By: Jagran

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