राची : भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने कहा है कि चुनाव संपन्न कराने का कोई भी शॉर्टकट नहीं होता। अफसर इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करें। वे पहले से ही हर तरह की चुनौतियों को चिह्नित कर उसके निदान के हर पहलू पर मंत्रणा करें। आधारभूत संरचनाओं,सुरक्षा, मतदाता सूची का पुनरीक्षण आदि कार्यो का निपटारा ससमय करें। जैन दो दिवसीय झारखंड दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को होटल रेडिसन ब्लू में आसन्न विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। आयोग की टीम ने अलग-अलग तीन बैठकें कर अफसरों से चुनाव से संबंधित फीडबैक लिया। इधर, सूत्रों के अनुसार चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पूर्व आयोग की कोर टीम 25 अक्टूबर के आसपास फिर आ सकती है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने आयोग की टीम के हवाले से कहा कि आयोग ने चुनाव कार्य में मुस्तैद अफसरों को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने को कहा है। टीम ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष चुनाव कराना उनकी जवाबदेही है। किसी तरह का आरोप-प्रत्यारोप न लगे, यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने पहली बैठक प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों के साथ तथा दूसरी बैठक इंफोर्समेंट एजेंसी के साथ की। अंत में आयोग ने मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी, गृह सचिव सुखदेव सिंह तथा डीजीपी कमल नयन चौबे के साथ मंत्रणा कर आसन्न विधानसभा चुनाव की तैयारियों का खाका खींचा।

बैठक में जिलावार पुलिस बलों, हेलीकॉप्टर आदि की आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। साथ ही लोकसभा चुनाव के अनुभवों के आधार पर क्षेत्रवार रह गई कमियों का मूल्याकन कर चुनाव की तैयारी करने की नसीहत दी गई। चुनाव को केंद्र में रखकर आयोग ने 25 फीसद मतदान केंद्रों के वेबकास्टिंग का लक्ष्य रखा है।

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आयोग का निर्देश

- विधानसभा चुनाव के दौरान नकदी की आवाजाही, निर्वाचन व्यय की मॉनीटरिग, मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए शराब,उपहार आदि की आवाजाही पर निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार सख्त कार्रवाई।

- स्वच्छ, शातिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने में निर्वाचन व्यय पर्यवेक्षण एवं इनफोर्समेन्ट से संबंधित विभागों से समन्वय कर करें काम।

- 18-19 आयु वर्ग के मतदाता एवं ऐसे मतदाता जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें जोड़ने की कार्रवाई करें।

- जहा मतदान का प्रतिशत कम रहा है,वहा पर चलाएं सघन स्वीप अभियान। मतदाता जागरूकता में लें सरकारी के साथ-साथ गैर सरकारी संस्थानों की स्रहभागिता। जेंडर गैप पाटने की करें कोशिश।

- राजनीतिक दलों के साथ समय-समय पर बैठक कर चुनाव की प्रक्रिया की जानकारी दें।

- अफसर अपने जिले के लोगों से अकस्मात फोन पर संपर्क कर उनके क्षेत्र में होने वाली घटनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी लें। इससे जनता का प्रशासन से जुड़ाव बढ़ेगा। थाना प्रभारियों के साथ करें बैठक।

- मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन ,मतदान केंद्रों पर रैंप, शौचालय, विद्युत, सेक्टर मजिस्ट्रेट ,मास्टर ट्रेनर ,ट्रेनिंग कैलेंडर, मॉक-पोल ,स्वीप गतिविधियों आदि की जानकारी दें।

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मतदान केंद्रों में लगेंगी कुर्सियां, मिलेंगे टोकन

उप निर्वाचन आयुक्त ने मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था करने की नसीहत दी है। कहा है कि केंद्रों पर कुर्सिया लगाई जाएं। आवश्यकता महसूस होने पर मतदाताओं को टोकन दें, ताकि उन्हें मतदान के लिए लंबी अवधि का इंतजार नहीं करना पड़े। बूथ दूर होने पर प्रशासन मतदाताओं को केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था करे।

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झारखंड में एक नहीं, कई चरणों में चुनाव के संकेत

आयोग से वार्ता के दौरान मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने कहा कि प्राप्त इनपुट के अनुसार अगर चुनाव कई चरणों में होंगे, तो नक्सल प्रभावित राज्य में हिंसारहित चुनावी प्रक्रिया पूरी करना आसान होगा। साथ ही इलाका विशेष पर फोकस करना आसान रहेगा। उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने इस पर कहा कि वे राज्य के राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य सूत्रों से प्राप्त सभी इनपुट आयोग के समक्ष रखेंगे और शातिपूर्ण चुनाव के लिए जो भी जरूरी होगा, कदम उठाएंगे।

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संयम बरते अफसर, नहीं तो होगी कार्रवाई

राज्य के कुछ अफसरों द्वारा सरकारी योजनाओं के पक्ष में ट्विट किए जाने से संबंधित एक सवाल के जवाब में उप निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि अफसर ऐसे मामलों में संयम बरते। अलबत्ता अभी आदर्श आचार संहिता प्रभावी नहीं है। इससे इतर वे ऐसा कुछ भी न करें, जिससे उनपर किसी तरह का आरोप लगे। आयोग की उनपर भी नजर है। अगर वे नियम के दायरे में बाहर काम करेंगे तो उनपर भी कार्रवाई होगी।

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चुनाव के लिए चाहिए अ‌र्द्धसैनिक बलों की 250 टुकड़ियां

चुनाव आयोग से पिछले अनुभवों और वर्तमान की जरूरतों को देखते हुए चुनाव के दौरान कम से कम 250 कंपनी अ‌र्द्धसैनिक बल उपलब्ध कराने की माग की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि इन कंपनियों के जवान हिंदी भाषी इलाके के हों तो अच्छा रहेगा। इससे राज्य के निचले स्तर के अधिकारियों के साथ फील्ड में काम करते समय किसी तरह की गलतफहमी की स्थिति नहीं बनेगी। चुनाव के दौरान नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए झारखंड से लगी दूसरे राज्यों की सीमा के भीतर वहा की पुलिस भी चौकस रहे, इसकी व्यवस्था हो।

उन्होंने डीजीपी कमल नयन चौबे से कहा कि 23 अक्टूबर को वे दिल्ली में चुनाव आयोग के साथ इस मसले के अलावा विधि व्यवस्था से जुड़े अन्य मामलों पर भी वार्ता कर लें।

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तीन साल से एक जगह कार्यरत सभी दरोगा स्थातरित : गृह सचिव

चुनाव आयोग से वार्ता के दौरान गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने बताया कि राज्य में तीन साल से अधिक समय से एक जगह पदस्थापित सभी दरोगा को स्थातरित कर दिया गया है। वहीं अन्य विभागों में भी यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

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बैठक में ये लोग हुए शामिल

भारत निर्वाचन आयोग के सचिव अरविंद आनंद, विनय कुमार चौबे, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, कृपानंद झा, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मुरारी लाल मीणा एडीजी, संजय आनंद लाटकर आइजी सीआरपीएफ, अमिताभ कौशल, सचिव महिला बाल विकास एवं समाजिक सुरक्षा विभाग, प्रशात कुमार, सचिव वाणिज्य कर विभाग, फैज अहमद मुमताज , परिवहन आयुक्त, विपुल शुक्ला, डीआइजी, पलामू रेंज के अलावा आयकर, नारकोटिक्स, एयरपोर्ट, रेलवे, बीएसएनएल, डाक विभाग एवं बैंक से आए पदाधिकारियों ने शिरकत की।

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Posted By: Jagran

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