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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

125 करोड़ की संपत्ति के मालिक वीरेंद्र राम अफसरों और नेताओं के निवेशक भी,देर राततक चली पूछताछ में बात आई सामने

By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
Published: Wed, 22 Feb 2023 08:51 PM (IST)

ED Raids At Chief Engineer Birendra Ram ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम कई नौकरशाहों और नेताओं के ...और पढ़ें

ईडी के रांची एयरपोर्ट रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में वीरेंद्र राम से पूछताछ कर रहे हैं ईडी के अधिकारी।
ईडी के रांची एयरपोर्ट रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में वीरेंद्र राम से पूछताछ कर रहे हैं ईडी के अधिकारी।

राज्य ब्यूरो, रांची। ED Raids At Chief Engineer Birendra Ram: ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम (Chief Engineer Birendra Ram) कई नौकरशाहों और नेताओं के करीबी रहे हैं। यह जानकारी ईडी के द्वारा की गई छापेमारी में सामने आई है। वीरेंद्र राम के पास 125 करोड़ से अधिक की संपत्ति की जानकारी ईडी के हाथ लगी है।

नेताओं और नौकरशाहों के काले धन का भी किया निवेश

ईडी को यह भी पता चला है कि उन्होंने नौकरशाहों और नेताओं के काले धन का भी निवेश किया है। पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित करने के मामले में अब यह तय हो गया है कि वीरेंद्र राम की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। ईडी ने बुधवार शाम ही उन्हें हिरासत में ले लिया था। वीरेंद्र राम से ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में देर रात तक पूछताछ चलती रही।

भारी मात्रा में मिले हीरे-जेवरात

दो दिनों तक चली ईडी की छापेमारी में भारी मात्रा में सोना-हीरे के जेवरात मिले हैं, जिसकी कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। करीब 50 लाख रुपये नकदी के साथ करोड़ों के निवेश से संबंधित जानकारी भी ईडी को मिली है।

चार्टेड अकाउंटेड के जरिए काले धन को सफेद करने की कोशिश

ईडी को छापेमारी में पता चला कि दिल्ली के छतरपुर में वीरेंद्र राम ने अपने पिता गंगा राम के नाम पर चार करोड़ का मकान भी खरीदा था, जिसे आलीशान बनाने के लिए निर्माण चल रहा था। वीरेंद्र राम ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट के माध्यम से काले धन को सफेद बनाने की कोशिश की थी, जिसके बारे में ईडी को जानकारी मिली थी।

अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापेमारी

इस मामले में ईडी ने उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकाने पर भी छापेमारी की थी। ईडी को छापेमारी में वीरेंद्र राम के ठिकाने से आठ महंगी गाड़ियाें के अलावा छह आलीशान मकान भी मिले हैं, जिसके कागजात की जांच जारी है। करोड़ों के निवेश ने ईडी को भी चौंकाया है। जब्त दस्तावेज पर ईडी वीरेंद्र राम से पूछताछ कर रही है।

एसीबी की कार्रवाई के बाद वीरेद्र राम के खिलाफ जांच का खुला था रास्ता

झारखंड पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई ने ही ईडी को मनी लॉड्रिंग के बिंदु पर जांच के लिए रास्ता सुझाया था। दरअसल 16 नवंबर 2019 में जमशेदपुर में ग्रामीण कार्य विभाग के कनीय अभियंता सुरेश प्रसाद वर्मा के घर से झारखंड पुलिस ने 2.44 करोड़ रुपये की बरामदगी की थी।

तब सुरेश कुमार वर्मा को जमशेदपुर में डिमना चौक के पास एक ठेकेदार विकास कुमार शर्मा से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए झारखंड पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसीबी ने सुरेश कुमार वर्मा के आवास पर छापेमारी की थी, जहां से 2.44 करोड़ रुपए बरामद किए गए थे।

लोकायुक्त के यहां भी जेई ने वीरेंद्र राम के विरुद्ध की थी लिखित शिकायत

सुरेश कुमार वर्मा ने पूछताछ में यह स्वीकार किया था कि उक्त राशि उनके वरिष्ठ अधिकारी वीरेंद्र राम के हैं। जेई सुरेश कुमार वर्मा तब जेल भेजे गए थे। इसके बाद सुरेश कुमार वर्मा ने तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस ध्रुव नारायण उपाध्याय के यहां लिखित शिकायत की थी।

इस मामले में जांच आगे बढ़ी ही थी कि लोकायुक्त का काेरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया था। उसके बाद से ही लोकायुक्त झारखंड का पद रिक्त पड़ा है और जांच भी बंद है।

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