रांची, राज्य ब्यूरो। दूसरे विभागों में वर्षों से जमे चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग में वापस बुलाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण तथा गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग सहित अन्य विभागों से वहां पदस्थापित चिकित्सकों की जानकारी मांगी है। उन्होंने वहां पदस्थापित सभी चिकित्सकों को सेवा इतिहास भी उपलब्ध कराने के लिए कहा है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग से कई चिकित्सक श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा संचालित ईएसआइ अस्पतालों में पदस्थापित किए गए हैं।

इनमें से कई चिकित्सक वर्षों से एक ही जगह जमे हैं। इसी तरह, कई चिकित्सक कारा अस्पतालों में भी पदस्थापित हैं। विभाग इन सभी चिकित्सकों को वापस बुलाकर वहां दूसरे चिकित्सकों को पदस्थापित करेगा। बताया जाता है कि ऐसे सौ से अधिक चिकित्सक हैं, जो दूसरे विभागों में पदस्थापित हैं। बता दें कि श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग ने ईएसआइ अस्पतालों में चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए अलग कैडर बनाते हुए नियुक्ति नियमावली चार साल पूर्व ही गठित कर ली है, लेकिन अभी तक नियुक्त नहीं हो पाई है।

कोरोना से निपटने को 117 एंबुलेंस देगी केंद्र सरकार

केंद्र सरकार कोरोना से निपटने को राज्य को 117 एंबुलेंस देगी। इनमें 91 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तथा 26 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस शामिल हैं। केंद्र ने इसकी स्वीकृति राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत दी है। केंद्र ने इन 117 एंबुलेंस के संचालन के लिए भी राशि की स्वीकृति चालू वित्तीय वर्ष में प्रदान की है। इधर, राज्य सरकार ने 100 अन्य एंबुलेंस के संचालन के लिए केंद्र सरकार से राशि की मांग की है।

इनमें कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर राज्य स्तर पर बच्चों के लिए खरीदे जा रहे 24 एंबुलेंस भी शामिल हैं। इधर, राज्य सरकार ने इन 24 एंबुलेंस की खरीद के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषता तय कर ली है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी।

Edited By: Sujeet Kumar Suman