विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ADG पत्नी के DIG पति को हाई कोर्ट से मिली राहत, आय से अधिक संपत्ति का है मामला

Published: Tue, 06 Aug 2024 07:14 PM (IST)

DIG Santosh Dubey झारखंड हाई कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में डीआईजी संतोष दुबे की समय से ...और पढ़ें

डीआईजी संतोष दुबे और एडीजी प्रिया दुबे। फाइल फोटो
डीआईजी संतोष दुबे और एडीजी प्रिया दुबे। फाइल फोटो

HighLights

  1. DIG संतोष दुबे की समय पूर्व सेवानिवृत्ति का आदेश निरस्त
  2. आय से अधिक संपत्ति मामले में रेलवे बोर्ड ने की थी कार्रवाई
  3. एडीजी प्रिया दुबे के पति हैं आरपीएफ के डीआईजी संतोष दुबे

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) से एडीजी प्रिया दुबे (ADG Priya Dubey) के पति संतोष कुमार दुबे (Santosh Dubey) को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति के आदेश को निरस्त कर दिया है।

अदालत ने रेलवे बोर्ड (Railway Board) को सेवा बहाल करने का आदेश दिया है। उक्त आदेश के साथ अदालत ने मामले को निष्पादित कर दिया।

क्या है पूरा मामला

झारखंड हाई कोर्ट से विभागीय कार्यवाही पर रोक के बावजूद रेलवे बोर्ड ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति दे दिया था। इसके खिलाफ इन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

तत्कालीन सीनियर कमांडेंट आरपीएफ (Senior Commandant RPF) संतोष दुबे पर चक्रधरपुर, धनबाद और रांची डिवीजन में पदस्थापित रहने के दौरान उनके खिलाफ 1.48 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था।

सीबीआई ने दानापुर में 10 जुलाई 2013 को केस दर्ज किया था। इसके बाद आरपीएफ ने संतोष कुमार दुबे के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलाने के आदेश दिया था।

सीबीआई दाखिल कर चुकी है आरोप पत्र

सीबीआई (CBI) ने संतोष कुमार दुबे के झारखंड में पोस्टिंग के दौरान आय से अधिक संपत्ति (disproportionate assets) अर्जित करने का आरोप लगाया है। सीबीआई ने 28 जून 2022 को संतोष कुमार दुबे, उनकी पत्नी प्रिया दुबे एवं अन्य खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पटना ने 22 जुलाई 2022 को मामले में संज्ञान लिया था। 31 जनवरी 2023 को आरपीएफ मुख्यालय ने संतोष कुमार दुबे के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की थी।

पांच अक्टूबर 2023 को झारखंड हाई कोर्ट ने संतोष कुमार दुबे के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। इस बीच रेलवे बोर्ड ने समय से पहले सेवानिवृत्ति दे दी थी।

यह भी पढ़ें

वकील गोपाल कृष्ण हत्याकांड में झारखंड हाई कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, DGP और SSP समेत DSP से किया जवाब तलब

रघुवर सरकार के मंत्रियों की बढ़ी आय से अधिक संपत्ति? झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

Liquor Sale: 'रांची की तुलना मुंबई और गोवा से नहीं कर सकते', शराब बिक्री पर झारखंड हाईकोर्ट की फिर सख्त टिप्पणी