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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खुद स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के बुलावे पर भी नहीं आई एम्‍बुलेंस, सोचिए क्‍या होगा आम आदमी का हाल! सरकार ने देखी हकीकत

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Tue, 10 Oct 2023 10:29 AM (GMT+05:30)

Jharkhand News झारखंड के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बन्‍ना गुप्‍ता सड़क हादसे का शिकार हुए घायलों की कई दफा मदद कर चुके ...और पढ़ें

घायल को अस्‍पताल पहुंचाने की कोशिश में जुटे स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री।
घायल को अस्‍पताल पहुंचाने की कोशिश में जुटे स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री।

HighLights

  1. बहरागोड़ा से जमशेदपुर लौटते वक्त सड़क हादसे को देखकर रुके थे।
  2. बाद में मंत्री ने अपनी जिप्सी से भिजवाया मरीज को अस्पताल।

राज्य ब्यूरो, रांची। आम मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में 108 एम्‍बुलेंस सेवा कितनी मुस्तैद है, इसका अनुभव स्वयं राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को भी हो गया। बन्ना गुप्ता सोमवार की सुबह बहरागोड़ा से जमशेदपुर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने लोगों की भीड़ देखकर काफिले को रोकने का आदेश दिया।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के बुलाने पर भी नहीं आई एम्‍बुलेंस

एक घायल व्यक्ति को लगभग 50 लोग घेरकर खड़े थे। दुर्घटना बीस मिनट पहले ही हुई थी और मरीज का काफी खून बह चुका था। मंत्री ने तत्काल 108 एम्‍बुलेंस को दुर्घटनास्थल पर बुलाने की भरसक कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए।

आखिरकार उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को लेकर चलने वाली स्काॅट जिप्सी से घायल को अस्पताल भेजा। उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को भी साथ भेजा और वायरलेस पर इमरजेंसी अलर्ट कराया।

इस बीच उन्होंने एमजीएम अधीक्षक को फोन पर सूचना देते हुए हर परिस्थिति के लिए तैयारी करने का निर्देश दिया। उपस्थित लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के इस मानवीय संवेदना की खूब तारीफ की।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री कई दफा कर चुके हैं घायलों की मदद

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी रांची के समीप बेड़ो में एक सड़क दुर्घटना में घायल को उन्होंने रिम्स भिजवाया था, जिससे उसकी जान बच गई थी। इससे पहले चांडिल और लोहरदगा में भी गुजरने के क्रम में उन्होंने काफिला रुकवा कर घायलों की मदद की थी।

सोमवार को हादसे में घायल हुए व्यक्ति को समय पर सुविधा नहीं मिलने के कारण काफी रक्त बह गया था, जिससे उसे बचाया नहीं जा सका।

एम्‍बुलेंस सेवा की शिथिलता को लेकर मंत्री कार्रवाई कर सकते हैं। वे पूर्व में इसे लेकर नाराज रहे हैं। इस मामले को लेकर मौके पर मौजूद लोग भी हैरान थे कि स्वास्थ्य मंत्री के बुलाने पर भी 108 एम्‍बुलेंस नहीं आई। 

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108 एंबुलेंस सेवा रहा विवादों में, स्वास्थ्य मंत्री कर चुके हैं विरोध

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता 108 एम्‍बुलेंस सेवा को लेकर पूर्व में भी नाराजगी जताते रहे हैं। मंत्री की नाराजगी को दरकिनार करते हुए इसके संचालन की प्रक्रिया पूरी की गई। मंत्री बन्ना गुप्ता ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसके बाद भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह को इस संदर्भ में पीत पत्र लिखा था। मंत्री बन्‍ना गुप्‍ता ने ध्यान दिलाया था कि टेंडर में अनियमितता को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है।

न्यायालय के आदेश तक इसे स्थगित रखा जाए। उन्होंने पीत पत्र में यह भी उल्लेख किया था कि निर्देश के बावजूद टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। देखा जाए तो 108 एंबुलेंस की सेवा बेहद खराब है।

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