लोहरदगा, जेएनएन। CAA Support तिरंगा यात्रा के दौरान गुरुवार को पत्थबाजी की घटना के बाद लोहरदगा शहर में हिंसा और बवाल के बाद लगातार तीन दिनों के कर्फ्यू के बाद रविवार को चौथे दिन शहर के साथ-साथ लोहरदगा और सेन्हा प्रखंड के लोगों को कर्फ्यू में आधे घंटे की छूट मिली। कर्फ्यू में यह छूट दिन के 10.30 बजे से 11.00 बजे तक के लिए दी गई। जबकि लोहरदगा जिले के कुड़ू, किस्को, भंडरा, कैरो और पेशरार प्रखंड के लिए कर्फ्यू में दो घंटे छूट दी गई। यह छूट दिन के 10.00 बजे से 12.00 बजे तक के लिए दी गई।

स्टेटिक फोर्स को गतिशील बनाने की जरूरत : जोनल आईजी

लोहरदगा जिले में 23 जनवरी 2020 की घटना के बाद लोहरदगा में लगाए गए कर्फ्यू  से संबंधित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक जोनल आईजी नवीन कुमार सिंह ने की। बैठक में सभी वरीय पुलिस पदाधिकारियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों  से कर्फ्यू में ढील, स्टेटिक फ़ोर्स को गतिशील बनाने, ड्रोन कैमरे से सतत निगरानी, सीसीटीवी की क्रियाशीलता, आमजनों द्वारा गलियों, सड़को के बल्बों को जलाने से संबंधित, फंसे लोगों के रेस्क्यू, 144 के उल्लंघन पर सीधी कार्रवाई सहित जिले की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।आईजी ने कहा कि स्टेटिक फ़ोर्स को गतिशील बनाने की ज़रूरत है।संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे से सतत निगरानी होती रहेगी।बैठक में डीआईजी अमोल वेणुकान्त होमकर, उपायुक्त आकांक्षा रंजन, पुलिस अधीक्षक प्रियदर्शी आलोक, उपविकास आयुक्त आर रॉनिटा, हिंसा-बवाल के बाद जि‍ले में तैनात किए गए पांचों पुलिस अधीक्षक एवं जिले के प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

हिंसाग्रस्‍त लोहरदगा में रविवार को कर्फ्यू में ढील के बाद जिले की विधि-व्‍यवस्‍था और सुरक्षा संबंधी समीक्षा बैठक करते जोनल आईजी नवीन कुमार सिंह।

सुरक्षा में समझौता नहीं, पर जरूरतमंदों की सहायता में तत्पर है पुलिस

लोहरदगा में विगत 23 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसक घटना के बाद पुलिस प्रशासन हर एक बिंदु पर सतर्कता बरत रही है। गणतंत्र दिवस के मौके पर लोहरदगा नगर क्षेत्र के लिए महज आधे घंटे के कर्फ्यू के ढील के बाद जब यह समय अवधि समाप्त हुई तो पुलिस प्रशासन ने फिर एक बार मोर्चा संभाल लिया है। शहर में घूम रहे लोगों को तत्काल अपने घर में जाने को कहा गया। खुद उपायुक्त आकांक्षा रंजन, एसपी प्रियदर्शी आलोक, मनोज रतन चोथे, एसडीओ ज्योति कुमारी झा, समाज कल्याण पदाधिकारी मनीषा तिर्की सहित अन्य अधिकारियों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में घूमते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही जो लोग घर के बाहर दिखाई पड़ रहे थे, उन्हें तत्काल घर में जाने को कहा गया।

लोहरदगा में हिंसा-बवाल के बाद उपजी स्थिति का ड्रॉन कैमरा से निगरानी करती पुलिस।

कर्फ्यू में ढील का समय समाप्त होते ही पुलिस प्रशासन ने संभाला मोर्चा

लोगों को किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था को हाथ में नहीं लेने की सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही जनजीवन को सामान्य बनाने को लेकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में स्थापित करने में सहयोग का अनुरोध भी किया गया है। पुलिस प्रशासन जहां एक ओर कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने को लेकर सख्ती से काम कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर जरूरतमंदों की सहायता को लेकर भी पुलिस प्रशासन आगे आ रही है। कर्फ्यू में ढील के समय कई लोग गंतव्य की ओर जाने को लेकर परेशान थे। इनमें गर्भवती महिलाएं, मजदूर, बीमार लोग और अन्य लोग भी शामिल थे। इन लोगों को समुचित सहायता देने को लेकर भी पुलिस प्रशासन की सक्रियता नजर आई।

पुलिस प्रशासन की ओर से हर जरूरतमंद की सहायता को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में विगत 48 घंटे के भीतर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई है। अफवाह भी अब धीरे-धीरे कमजोर होने लगे हैं। शांति व्यवस्था में लोगों का सहयोग प्रशासन को मिलता नजर आ रहा है। उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन की ओर से परिस्थितियों के समीक्षा के उपरांत फिर से कर्फ्यू में ढील दी जा सकती है। यह उन परिस्थितियों पर निर्भर करता है कि लोग कर्फ्यू के दौरान मिली ढील में किस प्रकार का व्यवहार करते हैं।

यह छूट झंडोत्तोलन को देखते हुए दी गई। सभी लोगों ने अपने-अपने मुहल्ले में 200 मीटर के रेंज में रहकर झंडोत्तोलन किया। इससे पहले कर्फ्यू में छूट के लिए प्रशासनिक तौर पर स्थिति की समीक्षा की गई। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन की ओर से रविवार को आधे घंटे के लिए लोगों को कर्फ्यू में छूट दी गई। जिससे की लोग गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तोलन कर पाएं और अपने दैनिक उपयोग के जरूरत के सामान की भी खरीद पाएं।

इसके लिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लोहरदगा में वर्तमान हालात और अब तक की स्थिति की समीक्षा कर कर्फ़्यू में ढील दी है। अधिकारी इस बात पर ज्यादा ध्यान देकर कर्फ्यू में ढील उस समय दी है, जब लोग अपने जरूरी के काम भी निपटा लें और विधि-व्यवस्था को नियंत्रित भी किया जा सके।

गर्भवती महिला को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने के क्रम में सीआइडी के एसपी मनोज चौथे।

सूत्रों की मानें तो कर्फ़्यू में ढील के लिए शहर के हालात को नियंत्रण करने के लिए बनाए गए पांच सेक्टर और प्रखंड क्षेत्र से अधिकारियों से रिपोर्ट आने के बाद ज़िला स्तर पर वरीय अधिकारियों ने सभी पहलुओं पर समीक्षा करने के बाद कर्फ़्यू में ढील देने का निर्णय लिया। जिसके बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र से कर्फ्यू में ढील देने का प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। शहर में कर्फ्यू में छूट के बाद हालात का आकलन कर प्रशासन आगे कर्फ़्यू में छूट की अवधि बढ़ाने पर निर्णय लेगी। यह सब लोहरदगा में उपजे हालात के बाद वर्तमान स्थिति पर सबकुछ निर्भर करता है।

लोहरदगा में आन-बान, शान से लहराया तिरंगा

लोहरदगा जिले में रविवार को कर्फ्यू के बावजूद आन-बान, शान तिरंगा लहराया। गणतंत्र दिवस के मौके पर बलदेव साहू महाविद्यालय स्टेडियम में जिला प्रशासन के तत्वावधान में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें उपायुक्त आकांक्षा रंजन ने झंडोत्तोलन किया है। इस दौरान एसपी प्रियदर्शी आलोक सहित पुलिस के कई बड़े अधिकारी भी शामिल हुए। डीसी ने परेड की सलामी ली। साथ ही सभी लोगों से कर्फ्यू के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और लोहरदगा में अमन-चैन का वातावरण कायम करने की अपील की।

हिंसाग्रस्‍त लोहरदगा में गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडारोहण करतीं डीसी आकांक्षा रंजन।

लोहरदगा में कर्फ्यू के बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में कर्फ्यू में ढील के निर्धारित अवधि में झंडोत्तोलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इससे पूर्व जिला प्रशासन के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने जिले के विभिन्न स्थानों में स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किया। साथ ही शहर के अजय उद्यान में शहीद एसपी अजय कुमार सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

जिले के ग्रामीण इलाकों में भी निर्धारित अवधि में झंडोत्तोलन कार्यक्रम आयोजित कर तिरंगे को सलामी दी गई। कर्फ्यू के बावजूद जिला प्रशासन ने लोगों के अनुरोध पर झंडोत्तोलन के लिए कुछ समय तय किया था, इसी समयावधि में लोगों ने तिरंगे को सलामी देकर गणतंत्र दिवस पर देश की अखंडता, शांति व्यवस्था, विकास और राष्ट्रीय एकता का संकल्प भी लिया। लोग सुबह से ही झंडोत्तोलन को लेकर तैयारियों में जुट गए थे। जैसे ही प्रशासन की ओर से कर्फ्यू में ढील को लेकर अनाउंसमेंट की गई, वैसे ही लोगों ने निर्धारित अवधि में झंडोत्तोलन करते हुए तिरंगे को सलामी दी।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस