रांची : अपर न्यायायुक्त राजीव आनंद की अदालत ने शुक्रवार को लड़की पैदा होने पर पत्‍‌नी की हत्या करने मामले की सुनवाई की। इस दौरान सिल्ली निवासी राजकिशोर महतो को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही 25 हजार का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त छह माह की सजा काटनी होगी। सिल्ली के ब्राह्मणडीह गाव के रहने वाले राज किशोर महतो और उनकी पत्‍‌नी ठीक से जीवन यापन कर रहे थे। घर में लड़की ने जन्म लिया तो राजकिशोर पत्‍‌नी को प्रताड़ित करने लगा और उसकी हत्या कर दी। घटना वर्ष 2017 के छह अक्टूबर की है। मामले के पैरवीकार सहायक लोक अभियोजक अवधेश कुमार ने बताया कि बिलासी देवी ने सिल्ली थाना में अपने दामाद के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमला का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वर्ष 2015 में हुई थी शादी :

राज किशोर महतो एवं मेनका की शादी वर्ष 2015 में हुई थी। 14 सितंबर 2017 को मेनका ने एक लड़की को जन्म दिया। इसके बाद अपनी पत्‍‌नी को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। छह अक्टूबर 2017 को दोपहर दो बजे बच्ची को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद राज किशोर ने पत्‍‌नी पर पहले चाकू से वार किया। इस बीच वहा मौजूद मेनका की मा बिलासी देवी उसे बचाने आयी। उसपर भी हमला किया। अभियुक्त ने बगल में रखी फरसा से उसकी गर्दन पर वार किया। मेनका वहीं ढेर हो गयी।

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जहरीली शराब कांड के दो मामलों में चार अभियुक्त बरी

रांची : अपर न्यायायुक्त एसपी दुबे की अदालत में शुाक्रवार को जहरीली शराब कांड की सुनवाई हुई। इस दौरान जहरीली शराब के फैक्ट्री संचालक प्रहलाद सिंघानिया उर्फ सिंधिया, जैप हवलदार गौतम थापा, उमेश गुरुंग और इंद्रभान थापा को अदालत ने दो मामलों से साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामले में डोरंडा काड संख्या 191/17(एक मौत से जुड़ा) एवं 195/17(तीन मौत से जुड़े) से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह सह सूचक राज कुमार पंडित ने अदालत में कहा कि कहा के शराब से मौत हुई, यह मृत्यु से पहले सुलो कुमार नहीं बता पाया था। सुलो कुमार सूचक का चचेरा भाई था। सुलो की मौत जहरीली शराब पीने से हो गयी थी। मामले के आशिक जाच अधिकारी सतीश कुमार गोराई ने अदालत में कहा कि जहरीली शराब का पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल पाया। मामले के आठ में से पाच गवाह को अदालत ने होस्टाइल घोषित कर दिया था। जानकारी हो कि जहरीली शराब पीने से पूरे शहर में 22 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में अलग-अलग पाच मुकदमा चल रहा है। पहले मुकदमे में तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। दूसरे मामले में तीन दोषी को सात वर्ष की सजा सुनाई गई थी।

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तारा शाहदेव प्रकरण में सीबीआइ ने दर्ज कराई गवाही

रांची : सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एसएन पाडेय की अदालत में शुक्रवार को नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव से जुड़े एक मामले में सीबीआइ के गवाह रवि कुमार शर्मा ने अदालत में बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल एवं मुश्ताक अहमद राइफल शूटिंग के समर कैंप में लाल बत्ती गाड़ी से बॉडीगार्ड से साथ आया करते थे। कोहली उस दौरान तारा शाहदेव से बातचीत किया करता था। समर कैंप समापन के बाद कोहली ने अपने घर में डिनर पार्टी रखी थी। जिसमें मुश्ताक अहमद भी पहुंचे थे। 20 जून 2014 को कोहली के घर पर तारा और कोहली की सगाई हुई थी। इस समारोह में मुश्ताक अहमद भी मौजूद थे। सात जुलाई 2014 को रेडिसन ब्लू में ¨हदू रीति रिवाज से तारा एवं कोहली की शादी हुई। इसमें मुश्ताक अहमद काफी सक्रिय थे।

मालूम हो कि मामले में रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन, उसकी मा व झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व निगरानी रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद ट्रायल फेस कर रहे हैं। शुक्रवार को गवाही के दौरान कोहली अदालत में उपस्थित था। उसे जेल से कोर्ट लाया गया था। कोहली व मुश्ताक अहमद पर जबरन धर्म परिवर्तन, बलात्कार, आपराधिक साजिश रचने व धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचने का आरोप लगाया गया है। उक्त मामले में कोहली 27 अगस्त 2014 से लगातार न्यायिक हिरासत में है। उसकी मा जमानत पर है।

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सीवरेज निर्माण की मॉनीट¨रग के लिए बनेगी कमेटी

रांची : हाई कोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस डीएन पटेल की अदालत ने राची में सीवरेज व ड्रेनेज निर्माण के काम पर मॉनटिरिंग के लिए कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार से इसके लिए नगर विकास विभाग के अधिकारी का नाम बताने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उक्त अधिकारी को तकनीकी जानकारी भी होनी चाहिए, ताकि काम सही तरीके से हो। मामले में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। इस मामले में अरविंदर सिंह देओल ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।

इससे पहले सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि सीवरेज सिस्टम का काम चार फेज में होना है। फेज वन का काम शुरू किया गया है। कुछ इलाकों में काम अंतिम चरण में है। वादी की ओर से अदालत को बताया गया कि निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से हो रहा है। इस पर कोर्ट ने एक कमेटी बनाने की बात कही। इसकी प्रगति की जानकारी वादी को भी उपलब्ध कराने और उनके सुझाव पर गौर करने का निर्देश सरकार को दिया।

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अलकतरा घोटाले में मंत्री समेत आठ का बयान 24 को होगा दर्ज

रांची : सीबीआइ की विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा नंबर एक की अदालत में लाखों रुपये के अलकतरा घोटाले के 21 साल पुराने मामले में बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन समेत आठ आरोपियों के बयान दर्ज कराने की तिथि 24 सितंबर निर्धारित की गई है। अदालत ने अभियोजन साक्ष्य बंद करने के बाद यह कार्रवाई की है। सीबीआइ की ओर से अंतिम गवाह के रूप में मामले के जाच अधिकारी अनिल कुमार सिंह की गवाही दर्ज की गयी। सीबीआइ ने मामले में कुल 45 गवाहों को प्रस्तुत किया है। यह मामला लगभग 375 मीट्रिक टन अलकतरा की हेराफेरी का है। जिसमें लगभग 18 लाख रुपये राजस्व की हानि हुई थी। मामले में मो. इलियास, उनका निजी सचिव सहाबु्द्दीन बेग, सहायक अभियंता शोभा सिन्हा, पीएंडटी के निदेशक केदार पासवान, उपनिदेशक मुजताबा अहमद समेत आठ ट्रायल फेस कर रहे हैं।

Posted By: Jagran