गढ़वा/हजारीबाग/बोकारो, जागरण टीम। सरकारी दफ्तरों और योजनाओं में भ्रष्टाचार किस कदर हावी है, इसे शुक्रवार को राज्य के तीन जिलों में एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) द्वारा की गई कार्रवाई से समझ सकते हैं। एसीबी ने गढ़वा, हजारीबाग और बोकारो में लाभुकों से रिश्वत लेते हुए तीन सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़ा है। ये अधिकारी पीएम आवास, मेडिकल क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन रिन्युअल और खतियान की नकल कापी निकालने के एवज में घूस ले रहे थे।

बिना घूस लिए कोई काम नहीं करता था प्रखंड समन्वयक

बोकारो के जैनामोड़ में जरीडीह के प्रखंड समन्वयक दीपक कुमार कपरदार को एसीबी ने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराने के एवज में 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ दबोचा। समन्वयक जैनामोड़ बाजार में बुलाकर बांधडीह दक्षिणी के मुखिया हाकिम महतो से रिश्वत की रकम ले रहे थे। प्रखंड कार्यालय से आवश्यक दस्तावेज जब्त करते हुए एसीबी के अधिकारी दीपक को अपने साथ लेकर धनबाद ले गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीपक पीएम आवास की स्वीकृति और पैसे निर्गत करने के लिए हर किसी से रुपये मांगता था।

बिना रिश्वत लिए वह कोई काम नहीं करता था। मुखिया हाकिम से 19 आवासों की स्वीकृति और पहली किस्त के भुगतान के लिए 38 हजार रुपये रिश्वत में सौदा तय हुआ था, जिसकी पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये शुक्रवार को दी गई। शिकायकर्ता हाकिम महतो ने बताया कि ग्राम सभा में पारित वरीयता सूची को भी दीपक पैसे के लालच में बदल देता था। जो लाभुक रुपये नहीं देते थे, उनके बैंक खाता नंबर की गलत एंट्री डालकर या अन्य तरीकों से उसे अयोग्य करार देता था।

क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन रिन्युअल कराने के नाम पर डीडीएम ले रहा था घूस

हजारीबाग में एसीबी की टीम ने शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य विभाग के जिला डाटा प्रबंधक दिवाकर अंबष्ठ को मेडिकल क्लिनिक संचालक से चार हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जिला डाटा प्रबंधक बरही प्रखंड के गोरिया करमा स्थित जेपी क्लिनिक के संचालक जागेश्वर प्रसाद से क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराने के एवज में यह रकम वसूल रहे थे। आयुर्वेद चिकित्सक जागेश्वर प्रसाद की शिकायत के बाद एसीबी की ट्रैप टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय से डीडीएम को गिरफ्तार कर लिया।

खतियान का नकल निकालने के एवज में लिपिक ले रहा था साढ़े चार हजार रुपये घूस

गढ़वा के जिला अभिलेखागार के लिपिक रविंद्र पांडेय को पलामू एसीबी की टीम ने साढ़े चार हजार रुपये रिश्वत लेते दबोचा। लिपिक ने खतियान का नकल निकालने के एवज में साढ़े चार हजार रुपये रिश्वत की मांगी थी। गढ़वा शहर के टंडवा निवासी बनारसी प्रसाद के पुत्र सत्यम कुमार ने इस संबंध में एसीबी से शिकायत की थी। गढ़वा में 15 सितंबर को भी एसीबी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के रोकड़पाल त्रिलोचन दास को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। बता दें कि गढ़वा में पलामू एसीबी की टीम ने दस दिन में दूसरी बार बड़ी कार्रवाई की है। इससे पूर्व गढ़वा में एसीबी की टीम ने विगत 15 सिंतबर को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के रोकड़पाल त्रिलोचन दास को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए धर दबोचा था।

Edited By: Sujeet Kumar Suman