रांची, राज्य ब्यूरो। Coronavirus Update झारखंड में कोरोना का तीसरा मरीज मिला हैै, यह कोरोना संक्रमित महिला हाल मेें ही बांग्लादेश सेे लौटी है| यह महिला तब्लीगी जमात से जुड़ी है, इस तरह राज्य में अब तक कोरोना संक्रमित दो महिलाओं, तब्लीगी जमात की पहचान हुई है|इससे पहले रांची के हिंदपीढ़ी बड़ी मस्जिद से पकड़ी गई मलेशिया की तब्लीगी जमात की महिला भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थी| बता दें कि झारखंड में कोरोना के अबतक दो मरीज रांची और हजारीबाग में मिले हैं। सबसे पहले रांची के हिंदपीढ़ी में ठहरी मलेशिया मूल की महिला में संक्रमण पाया गया। इसके बाद हजारीबाग के विष्णुगढ़ में दूसरा मरीज मिला जो आसनसोल से लौटा था।

अबतक कोरोना के कुल 775 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच हुई है। इनमें से 574 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जबकि अभी भी 199 लोगों की रिपोर्ट का इंतजार है। इधर, शनिवार को भी कोरोना के कुल 84 संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए रिम्स और एमजीएम भेजे गए हैं। खबर लिखे जाने तक इनकी रिपोर्ट नहीं आई थी। 

आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज की मौत, बिना जांच शव ले गए परिजन

सदर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इलाज के लिए भर्ती 36 वर्षीय युवक की मौत शनिवार की सुबह हो गई। उसे शुक्रवार की दोपहर सांस लेने में हो रही परेशानी को देखते हुए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद  उसे आइसालेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। जहां उसका सैैंपल शनिवार को लिया जाना था। इधर मौत के बाद बिना जांच कराए ही परिजन शव को अपने साथ ले गए। सदर अस्पताल, देवघर के उपाधीक्षक डॉ. एसके मेहरोत्रा के अनुसार उसे सांस लेने में तकलीफ थी। चूंकि सांस लेने में तकलीफ, सर्दी, बुखार या खांसी वाले मरीजों को सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाता है। मौत के बाद जांच होनी थी, लेकिन काफी समझाने के बाद भी जांच से इन्कार करते हुए परिजन शव को अपने साथ को लेकर चल गए। इधर, सिविल सर्जन के अनुसार मृतक के परिजनों को क्वारंटाइन किया जाएगा। इस बीच मृतक के परिजनों ने दो टूक कहा कि  युवक को सांस लेने में पहले भी दिक्कत होती थी, सो उन्होंने उसकी जांच नहीं कराई।

दूसरे राज्यों में फंसे हैं झारखंड के 6.72 लाख मजदूर

श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानन्द भोक्ता ने कहा है कि राज्य सरकार कोरोना से निपटने को पूरी तरह तैयार है। आपदा की इस घड़ी में सरकार लोगों को सभी प्रकार की सहायत के लिए भी प्रतिबद्ध है। मंत्री ने बताया कि लॉकडाउन में दूसरे राज्यों में झारखंड के 6,72,544 मजदूर फंसे हुए हैं। इन श्रमिकों को भी वहां के जिला प्रशासन से बात कर उनकी समस्याओं का त्वरित निष्पादन कराया जा रहा है। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में तीन अप्रैल तक 18,441 कॉल आए हैं।

श्रम मंत्री ने कहा, जहां फंसे हैं वहां बात कर निकालेंगे समाधान

बाहर फंसे श्रमिकों की समस्याओं के समाधान करने हेतु नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। लॉकडाउन के दौरान लोगों को भोजन के लिए परेशानी न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर मुख्यमंत्री दीदी किचेन की शुरूआत की गई है। प्रत्येक पंचायत में मुख्यमंत्री दीदी किचेन स्थापित कर अनाथ, बेसहारा, दिव्यांग, बुजुर्ग, गरीब, अत्यंत गरीब एवं राहगीरों को मुफ्त भोजन दिया जाएगा। इसमें जरूरतमंद लोगों को दोपहर का भोजन मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। उनके अनुसार राज्य के असंगठित मजदूरों को भी राहत देने की योजना शीघ्र शुरू की जाएगी।

Posted By: Alok Shahi

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