जागरण संवाददाता, राची : कोरोना वायरस की वजह से फैली महामारी की रोकथाम के लिए जंग में उतरे चिकित्सकों व नर्स का क्वारंटाइन के बाद मोरहाबादी होटल से बाहर निकलने पर ताली बजाकर स्वागत किया गया। पाच जूनियर रेजिडेंट और 4 नर्स बुधवार को 14 दिनों का क्वारंटाइन पीरियड पूरा करने के बाद रिम्स पहुंचे। वहा पहले से ही निदेशक डॉ डीके सिंह और उनकी टीम उन पर फू लों से स्वागत किया। ये सभी कुल 21 दिनों तक अपने घरों से बाहर थे। रिम्स के निदेशक डॉ. डीके सिंह ने इस मौके पर चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा चिकित्सक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के साथ कोविड-19 के मरीजों का दिन रात उपचार किया है। उनका योगदान बेहद सराहनीय है।

फि लहाल होटल में और भी चिकित्सक और नसरें को क्वारंटाइन किया गया है। क्वारंटाइन पीरियड पूरा होते ही वे भी अपना योगदान रिम्स में दे सकेंगे । बताया जाता है की 50 चिकित्सा कर्मियों को क्वारंटाइन किया गया है। हर सप्ताह एक नई टीम को क्वारंटाइन किया जाता है।

रिम्स जेडीए के अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार ने बताया कि चिकित्सक नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ अपने घरों से दूर रहकर कोरोना वायरस से संक्त्रमित मरीज का इलाज कर रहे हैं। वह अपनी चिंता ना करते हुए मरीज को स्वस्थ करने में दिन रात लगे हुए जो काबिले तारीफ है। एक सच्चे योद्धा है।

चिकित्सकों के स्वागत के दौरान कांके के विधायक समरीलाल और डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर नरेंद्र नाथ सिंह सहित अन्य चिकित्सक भी उपस्थित थे।

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कोट

मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि इस महामारी को खत्म करने की लड़ाई में मैं भी अपना योगदान दे रहा हूं।

डॉ फि रोज

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मरीजों का इलाज के साथ-साथ चिकित्सकों को भी अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना है। ताकि इस महामारी की लड़ाई में अपना योगदान दे सकें।

डॉ शक्ति

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मैं भी इस लड़ाई में एक सिपाही की भूमिका अदा कर रहा हूं। लोगों को चाहिए कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वे शारीरिक दूरी का ख्याल रखें।

डॉ महिपाल

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