लोहरदगा, जासं। Coronavirus Safety वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव को लेकर सरकार के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर से लागातर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसमें अब ग्रामीण भी पीछे नहीं हैं। लोहरदगा जिले के कैरो प्रखंड अंतर्गत खरता गांव के ग्रामीणों ने कोरोना वायरस से बचाव को लेकर अनोखी पहल की है, जिसकी चर्चा जोरों पर है। आदिवासी बाहुल्य खरता गांव के महिला-पुरूष ने बैठक कर सामूहिक निर्णय लिया है कि अब कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक हैंडपंप को हाथ धोये बिना अगर छुता है तो उसे 5 साबुन का जुर्माना देना होगा। इसकी कड़ाई से अनुपालन को लेकर ग्रामीण अपने स्तर से निगरानी भी करने लगे हैं।

बता दें कि आदिवासी बाहूल्य खरता गांव में एक हैंडपंप से लगभग 100 परिवार के लोग पानी पीते हैं। जहां पर शारीरिक दूरी का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा था, जिससे संक्रमण फैलने की प्रबल संभावना बनी थी। दूसरी ओर प्रवासी मजदूरों के घर वापसी के बाद इस हैंडपंप के उपयोग से चिंता में डाल दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने कोविड-19 की गंभीरता को समझा और अपने स्तर से इस बीमारी के संक्रमण से बचाव को लेकर बैठक करते हुए हाथ धोये बिना हैंडपंप छूने पर 5 साबुन का जुर्माना लगाने का फरमान जारी कर दिया।

बैठक में ग्रामीणों ने आपस में निर्णय लिया है कि हाथ की सफाई के बाद ही हैंडपंप को छूना है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से यह नियम बनाया गया। जिसमें निर्णय लिया गया कि गांव में अधिस्ठापित हैंडपंपों से कोई भी व्यक्ति पानी लेने अाता है तो सबसे पहले उसे साबुन से हाथ धोना पड़ेगा। उसके बाद ही वह व्यक्ति पानी ले सकता है।

हाथ धोने के अलावे हैंडपंप के बगल में रखे डिटर्जेंट पाउडर से हैंडल को भी धोना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार का संक्रमण का खतरा नहीं रहे। खरता के ग्रामीणों द्वारा सार्वजनिक रूप से यह निर्णय लिया गया है। इसके लिए नेहरू युवा केंद्र के सदस्यों को भी शामिल किया गया है, जो समय-समय पर हैंडपंपों के सामने साबुन व डिटर्जेंट पाउडर की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस