रांची, राज्य ब्यूरो। Congress News राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां चरम पर है। माना जा रहा है कि सत्ताधारी गठबंधन की ओर से कांग्रेस का उम्मीदवार ही मैदान में उतरेगा। झामुमो का साथ मिलने को लेकर अब पार्टी में कहीं संशय नहीं दिख रहा है। इस बीच उम्मीदवार के नाम को लेकर भी कवायद भी तेज हो गई है। कोशिश तो दर्जनों लोग कर रहे हैं लेकिन अंतिम तौर पर जो तीन-चार नाम उभरकर सामने आए हैं।

कांग्रेस की ओर से जिनकी दावेदारी पक्‍की मानी जा रही है, उनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. अजय कुमार के नाम प्रमुख हैं। हालांकि फुरकान अंसारी जैसे पुराने योद्धा भी अपनी तैयारियों में जुटे हैं। इन नामों के अलावा कांग्रेस मुख्यालय से भी कई बार उम्मीदवार तय कर देती है और इसकी संभावना से भी कोई इन्कार नहीं कर रहा है। एक बात तय है कि 27 के पहले उम्मीदवार के नाम की घोषणा भी नहीं होगी।

राज्यसभा चुनाव के लिए जितने लोगों के नाम चल रहे हैं उनमें प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। हाल के दिनों में प्रदेश कांग्रेस की उपलब्धियों का श्रेय भी इन्हें मिल रहा है। दूसरे दलों से दो विधायक कांग्रेस में शामिल (हालांकि एक की विधायकी सजा मिलने के बाद समाप्त हो गई) हुए और पार्टी के तमाम लक्ष्य पूरा किया गया। केंद्र में अपनी अलग पहचान दर्ज करा चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय की भी दावेदारी मजबूत है हालांकि उनके अनुभव का इस्तेमाल पार्टी किस रूप में करती है, यह देखने की बात होगी।

पिछले कुछ चुनाव से उन्हें लोकसभा का टिकट मिलता रहा है और पार्टी उन्हें राज्यसभा नहीं बुलाकर लोकसभा के लिए ही सुरक्षित रखे तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। इसके अलावा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में तीन राज्यों के प्रभारी डा. अजय कुमार भी दावेदार हैं। जो भी हो, माना जा रहा है कि पार्टी अपनी ओर से 27 मई तक उम्मीदवार की घोषणा कर देगी।

प्रदेश भाजपा को सौंपा गया संगठन की मजबूती का टास्क

भाजपा राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के दूसरे दिन संगठन महामंत्रियों के साथ बैठक में राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठन की जमीनी स्तर पर मजबूती का टास्क सौंपा। पार्टी का विशेष जोर उन राज्यों पर अधिक था, जहां इस वर्ष चुनाव होने हैं। हालांकि झारखंड समेत अन्य सभी राज्यों को भी मंडल व बूथ स्तर की संरचना जमीनी स्तर पर मजबूत करने का निर्देश दिया गया। हर बूथ पर दस प्रतिशत वोट बढ़ाने का सीधा टास्क चुनावी और गैर चुनावी दोनों तरह के राज्यों को सौंपा गया। इस टास्क को पूरा करने के लिए बूथ स्तर पर उन तमाम मानकों पर खरा उतरने को कहा गया जो पार्टी ने तय किए हैं।

भाजपा की 27-28 मई को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इस टास्क पर विशेष सत्र आहूत किया जाएगा, इनमें पन्ना प्रमुख से लेकर जिलों के पदाधिकारियों की भूमिका तय की जाएगी। बता दें कि मंडल व बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती के लिए भाजपा ने हर बूथ सौ यूथ का नारा दिया है। पार्टी ने पिछले चुनाव के प्रदर्शन के आधार पर हर राज्य में बूथों को ए, बी, सी और डी श्रेणी में बांटा है। सी और डी श्रेणी के बूथ की मजबूती पर भाजपा का विशेष जोर है। बता दें कि झारखंड में पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 33 प्रतिशत से अधिक वोट मिले थे। वोट प्रतिशत के लिहाज से भाजपा सबसे बड़ी पार्टी थी। लेकिन गठबंधन के गणित से भाजपा को सत्ता से दूर कर दिया था।

Edited By: Alok Shahi