रांची, राज्य ब्यूरो। कोरोना संकट से निपटने की तमाम कवायद के बीच राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि झारखंड सरकार के साथ-साथ उच्च न्यायालय भी कोरोना को लेकर काफी चिंतित नजर आ रही है। केंद्र सरकार को अविलंब राज्य की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाना चाहिए। राज्य सरकार द्वारा लगातार केंद्र सरकार से आग्रह किए जाने के बावजूद अब तक कोई विशेष पहल नहीं की गई है। राज्य के लिए केंद्र सरकार की उदासीनता समझ से परे है।

उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी जितना बयान राज्य सरकार की कार्यशैली के बारे में दे रहे हैं, उतनी सलाह केंद्र सरकार को दे देते तो निश्चित रूप से झारखंड को इस विपदा की घड़ी में यह महसूस होता कि संकट के समय में सभी दल के नेता एक होकर कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से 25000 टेस्टिंग किट की मांग की जाती है और केंद्र सरकार 500 किट भेजती है। यह मजाक नहीं तो और क्या है? केंद्र सरकार झारखंड की अनदेखी न करे और कोरोना से निपटने के लिए सारे संसाधन मुहैया कराए। आपदा के वक्त में राजनीतिक भेदभाव ठीक नहीं है।

इतना ही नहीं, वीडियो कांफ्रेंसिंग में झारखंड के मुख्यमंत्री को समय नहीं देना, कोरोना से निपटने के लिए मांगने के बावजूद काफी कम संसाधन उपलब्ध कराने से यह प्रतीत हो रहा है कि गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हो रहा है। केंद्र सरकार दूसरे देशों के लिए तो इतनी चिंतित है कि 24 घंटे के अंदर संकट की घड़ी में काम आने वाली दवा के निर्यात को हरी झंडी दिखा देती है और झारखंड सरकार की मांग पर या तो ध्यान नहीं देती है या दरकिनार कर देती हैं।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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