रांची, राज्य ब्यूरो। वर्ष 2017 में आयोजित मोमेंटम झारखंड में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगा है। इसे लेकर जनसभा नामक संस्था ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास व कई बड़े पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में 100 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की शिकायत की है। एसीबी को सौंपी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मोमेंटम झारखंड में बिना कैबिनेट की स्वीकृति लेकर बजट बढ़ाकर राशि की बंदरबांट की गई।

इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के अलावा तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, उद्योग विभाग के निदेशक के. रविकुमार, सीआइआइ के राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के तत्कालीन प्रधान सचिव संजय कुमार व ओएसडी सुनील कुमार वर्णवाल को आरोपी बनाया गया है। इनपर आरोप लगाया गया है कि इन्होंने जनता के पैसों का दुरुपयोग किया। जितना पैसा खर्च हुआ उस अनुरूम में न तो निवेश आया और ही रोजगार मिला युवाओं को।

अधिकारियों ने जनता के पैसे सेयूएसए, सिंगापुर, कनाडा, यूके, जर्मनी आदि का भ्रमण किया। निवेश के नाम पर यह घोटाला है। इस मामले में हाई कोर्ट में पीआइएल भी दायर है। मोमेंटम झारखंड के लिए प्रारंभिक बजट 8.50 करोड़ था, जो बाद में 16.94 करोड़ हो गया। इसके बाद यह राशि बढ़कर 100 करोड़ रुपये हो गई। इसपर कैबिनेट की भी स्वीकृति नहीं ली गई। इसका तत्कालीन मंत्री सरयू राय ने भी विरोध किया था।

अब आगे क्या

एसीबी के संशोधित कानून के अनुसार इस शिकायत पर सक्षम प्राधिकार से अनुमति लेकर ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है। सक्षम प्राधिकार राज्यपाल भी हो सकते हैं या फिर मंत्रिमंडल निगरानी एवं सचिवालय विभाग। दोनों में से किसी एक से स्वीकृति लेकर इसकी जांच कराई जा सकती है।

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Posted By: Sujeet Kumar Suman

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