रांची, राज्‍य ब्यूरो। राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को पीडि़त महिलाओं और बच्चियों के अधिकारों की रक्षा और मजबूती से करने के लिए दो अहम फैसले किए। पहला फैसला दुष्कर्म पीडि़त वर्ग के लिए लिया गया, जिसके तहत तय किया गया है कि सभी जिलों में अब दुष्कर्म और पोस्को एक्ट के मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुने जाएंगे। अब तक राज्य में ऐसे दो कोर्ट गठित थे। अब 22 और कोर्ट के गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस प्रकार राज्य के सभी जिलों में ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट उपलब्ध होंगे। दूसरा अहम फैसला आया है एसिड अटैक पीडि़तों के लिए। इनके इलाज में अब पारिवारिक आमदनी की शर्त समाप्त कर दी गई है, तो खर्च की सीमा को भी हटा दिया गया है। पूर्व में 72 हजार रुपये से कम वार्षिक आमदनी वाले परिवारों की पीडि़त बच्चियों को ही इलाज के लिए मुख्यमंत्री असाध्य रोग सहायता योजना से राशि दी जाती थी।

अब आमदनी के दायरे से इसे मुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही पूर्व में पांच लाख रुपये तक खर्च की सीमा को भी समाप्त कर दिया गया है। अब इलाज में जितनी भी राशि खर्च होगी, सरकार भुगतान करेगी। इसके साथ ही राज्य कैबिनेट ने 24 फैसलों पर अपनी स्वीकृति दी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी सचिव अजय कुमार सिंह ने दी।

मंत्री या राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त विधायकों व सांसदों को अब नुकसान नहीं

राज्य में मंत्री और राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त विधायकों एवं सांसदों को किसी कमेटी, बोर्ड अथवा आयोग के अध्यक्ष बनने की स्थिति में मानदेय का नुकसान नहीं होगा। पूर्व में बोर्ड अथवा आयोग का अध्यक्ष बनने पर मानदेय और सुविधाएं बोर्ड से ही मिलती थीं।

अब तय किया गया है कि विधायक अथवा सांसद के तौर पर प्राप्त मानदेय अधिक होने पर वही मिलेगा, लेकिन अध्यक्ष को प्राप्त सभी सुविधाएं भी मिलती रहेंगी। इसी प्रकार अब अल्पसंख्यक आयोग के सदस्यों को प्रति माह 25 हजार रुपये मानदेय प्राप्त होगा। इसके अलावा कोई राशि नहीं मिलेगी।

सड़क सुरक्षा पर बजट में वृद्धि, जुर्माने से अंशदान दोगुना तक बढ़ा

राज्य कैबिनेट ने सड़क सुरक्षा पर खर्च राशि में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। पूर्व में एमवी एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्राप्त जुर्माना से 10 फीसद इस मद में खर्च किया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 20 फीसद कर दिया गया है। इसके साथ ही झारखंड राज्य दुर्घटना जांच (अन्वेषण) योजना, 2019 के गठन की स्वीकृति दी गई। इससे दुर्घटनाओं की जांच हो सकेगी और जांच दल सुधार के लिए निर्देश दे सकेगा।

Posted By: Alok Shahi

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