रांची, राज्य ब्यूरो। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर राज्य का मंत्रिमंडल निर्वाचन विभाग विधानसभा चुनाव में किसी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए दबंगों, अपराधियों की पहचान कर रहा है। ऐसे टोलों की भी पहचान की जा रही है, जहां मतदाताओं के विरुद्ध दबंगई की संभावना है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने सोमवार को मीडिया से रूबरू होते हुए इसे लेकर सभी जिला निर्वाची पदाधिकारियों को निर्देश दिए जाने की जानकारी दी।

उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में भी ऐसे संवेदनशील टोलों और दबंग व अपराधी प्रवृति के लोगों की सूची आयोग को सौंपने की अपील की है ताकि विधानसभा चुनाव में मतदाता किसी के प्रभाव में न आएं तथा स्वच्छ मतदान सुनिश्चित कराया जा सके। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 396 मतदान केंद्रों के भवन जर्जर होने की भी जानकारी देते हुए कहा कि इन मतदान केंद्रों के भवन बदले जाएंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों से इसपर आपत्तियां भी मांगी ताकि चुनाव आयोग को अनुशंसा भेजने से पहले उसमें किसी प्रकार का संशोधन किया जा सके।

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बाद 12 अक्टूबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची की जानकारी देते हुए कहा कि वैसे मतदाता जिनका अभी भी नाम सूची में शामिल नहीं हो सका है, वे अब भी बीएलओ से संपर्क कर फार्म-6 भर सकते हैं। यह प्रक्रिया संबंधित विस क्षेत्र में प्रत्याशियों के नामांकन की अंतिम तिथि तक जारी रहेगी। उनके अनुसार, नए नाम शामिल कराने के लिए 19-20 अक्टूबर को 'काम छोड़ो नाम जोड़ो' अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बीएलओ घर-घर जाकर छुटे हुए मतदाताओं से यह फाॅर्म भरवाएंगे।

इस अभियान में महिला मतदाताओं को जोडऩे पर विशेष जोर होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2019 को कुल मतदाताओं की संख्या 2,19,81,479 थी, जो बढ़कर 2,26,17,612 हो गई है। इस तरह, 6.5 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। 2 सिंतबर 2019 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची से 0.86 फीसद मतदाताओं की वृद्धि हुई है और इसमें 1.94 लाख नए नाम जुड़े हैं। इसी तरह, 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 4,21,834 हो गई है।

सही लोग चुने जाएं, आयोग निभाए जिम्मेदारी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा चुनाव में सही लोग चुने जाएं, इसके लिए आयोग से अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाने का सुझाव दिया। दलों ने मतदान केंद्र अचानक बदले जाने से होनेवाली परेशानी की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। साथ ही एक चरण में चुनाव कराने की मांग की।

यह भी सुझाव दिया कि विभिन्न प्रक्रियाओं की स्वीकृति में पदाधिकारी सुविधा एप पर ही निर्भर न रहें। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार काफी सुधार होने का आश्वासन दिया। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम-वीवीपैट की व्यावहारिक जानकारी देते हुए कहा गया कि इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी संभव नहीं है।

फैक्ट फाइल

कुल मतदाता : 2,26,17,612

पुरुष मतदाता : 1,18,16,098

महिला मतदाता : 1,08,01,274

थर्ड जेंडर : 240

18-19 आयु वर्ग के कुल मतदाता : 4,21,834

18-19 आयु वर्ग के पुरुष मतदाता : 2,47,223

18-19 आयु वर्ग की महिला मतदाता : 1,74,587

18-19 आयु वर्ग के थर्ड जेंडर  मतदाता : 24

मतदाता जनसंख्या का अनुपात : 59.53

लिंगानुपात : 914

चिह्नित दिव्यांग मतदाता : 1,33,001

सेवा मतदाता : 41,336

सेवा मतदाता महिला : 1,593

सेवा मतदाता पुरुष : 39,743

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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