यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Youth Parliament: यहां न शोरगुल- न हंगामा, युवाओं ने नेताओं को पढ़ाया पाठ; छात्र संसद में जोरदार बहस
Youth Parliament ओजस्वी युवाओं ने सार्थक मुद्दों पर जोरदार बहस की और संसदीय लोकतंत्र की परंपरांओं को जीवंत कर दिया। ...और पढ़ें

रांची, राज्य ब्यूरो। Youth Parliament झारखंड विधानसभा के सेंट्रल हाल में रविवार को आहूत छात्र संसद -2021 में जो नजारा देखते को मिला वो आम तौर पर झारखंड विधानसभा के सत्रों में देखने को नहीं मिलता है। युवाओं ने सार्थक मुद्दों पर बहस की, न कोई शोरगुल हुआ और न ही हंगामा। संसदीय कार्यप्रणाली की जानकारी लेने आए युवा जनप्रतिनिधियों को बड़ा सबक सिखा गए। विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इसे स्वीकारा।
छात्र संसद के दौरान सभी विधायी प्रक्रिया से जुड़े हर पहलू को छुआ गया। प्रोटम स्पीकर ने सदस्यों को शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री की भूमिका निभा रहीं प्रीति कुमारी विश्वकर्मा ने अध्यक्ष पद के लिए डेजी लकड़ा का प्रस्ताव दिया, जिसका समर्थन प्रतिपक्ष की नेता की भूमिका निभा रहीं नुपूर माला ने किया। नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष ने नए अध्यक्ष को आसन ग्रहण कराया। स्पीकर डेजी लकड़ा ने सदन की कार्यवाही को नियमानुकूल चलाया।
प्रश्न काल के दौरान विपक्ष ने महंगाई, ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा, साइबर क्राइम और चिकित्सा जैसे गंभीर विषयों को उठाया। अल्पसूचित और तारांकित प्रश्न काल के दौरान तार्किक पूरक प्रश्न कर सरकार को घेरा। मंत्रियों ने भी विकास के प्रति सकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए विपक्षी सदस्यों को अपने जवाब से संतुष्ट करने की कोशिश की। सवाल-जवाब का सिलसिला लंबा चला, कई बार स्पीकर डेजी लकड़ा को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रश्न काल के बाद नेता प्रतिपक्ष नुपूर माला ने बढ़ती महंगाई पर कार्यस्थगन पेश किया। कहा, राज्य में महंगाई चरम पर है, घरेलू सामान से लेकर पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रहीं हैं। क्या मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए सरकार ने क्या जन सामान्य को कोई सुविधा उपलब्ध कराई है। उन्होंने तमाम विधायी कार्यों को रोककर इस विषय पर चर्चा की बात उठाई। हालांकि स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष द्वारा पेश किए गए कार्यस्थगन को अमान्य कर दिया।
छात्र संसद की मूल भावना यूथ फॉर ग्रीन झारखंड रही। ताकि इसके माध्यम से झारखंड की पहचान यहां की हरियाली, जल, जंगल और जमीन को प्रतिबिंबित किया जा सके। वन एवं पर्यावरण मंत्री की भूमिका निभा रहे मनीष कुमार मिश्रा ने झारखंड वृक्ष संरक्षण विधेयक 2021 पेश किया जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने जमकर बहस हुई। विपक्षी सदस्यों ने तर्क दिया कि जब पहले से ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर तमाम कानून हैं, तो एक नया विधेयक लाने की क्या आवश्यकता है। सरकार पहले पूर्व के कानूनों को सख्ती से अमल में लाए।
पहली पाली के बाद दूसरी पाली में भी इस विषय पर बहस जारी, विपक्ष ने विधेयक पर कई संशोधन पेश किए। इसमें एक संशोधन पर मुख्यमंत्री की भूमिका निभा रहीं प्रीति कुमारी विश्वकर्मा ने सहमति जताई जबकि अन्य संशोधनों को वन एवं पर्यावरण मंत्री की भूमिका निभा रहे मनीष कुमार मिश्रा ने अपने तर्कों से काट दिया। लंबी बहस के बाद विधेयक को ध्वनि मत से पारित किया गया।
स्पीकर बनीं डेजी लकड़ा को सभी ने सराहा
स्पीकर की भूमिका का निर्वाह कर रही डेजी लकड़ा की भूमिका की सभी ने सराहना की। निर्णायक मंडली ने भी उन्हें प्रथम पुरस्कार के योग्य माना। 896 अंकों के साथ लोहरदगा की डेजी लकड़ा प्रथम पुरस्कार से सम्मानित की गईं, जबकि 843 अंकों के साथ गिरिडीह की सभ्यता भूषण दूसरे और 842 अंकों के साथ देवघर की रहने वाली श्वेता सिंह तीसरे स्थान पर रहीं।
हालांकि स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो ने सभी की सरहाना की और कहा कि आप सभी को मैं नंबर वन मानता हूं। इस मौके पर छात्र संसद के सभी 24 सदस्यों को मोमेंटम और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। छात्र संसद का आयोजन करने वाली संस्था पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च और विभिन्न विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
किस प्रकार विधि विधान बनता है, उसका प्रायोगिक रूप में लोगों तक ज्ञान पहुंचे इसका प्रयास हमने किया है। सिर्फ नेता बनने के लिए ही संसदीय ज्ञान जरूरी नहीं है, हर आदर्श नागरिक को यह ज्ञान होना चाहिए। आप सभी की भूमिका बहुत अच्छी रही। रबीन्द्र नाथ महतो, विधानसभा अध्यक्ष
आज सदन के कार्यकलापों में भी गिरावट आ रही है लेकिन आप सभी ने पूरे राज्य को एक मैसेज दिया है, आपके आदर्श कार्यकलापों से लोग सीखेंगे। यह संदेश दूर-दराज तक जाएगा। स्टीफन मरांडी, झामुमो विधायक
राजनीति का शुद्धीकरण एक व्यक्ति के चाहने से नहीं होगा। आपने जो भूमिका निभाई है वह लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। हालांकि यहां जो दिखा वह उसे आदर्श स्थिति कहते हैं, लेकिन एक बार आप लोग चलते सत्र में दर्शक दीर्घा में बैठें तब असली लोकतंत्र देखने को मिलेगा। सीपी सिंह, भाजपा विधायक
जिस तरह सारी प्रक्रिया इस शैडो सदन में पूरी की गई, इसका लाभ आप सभी को और अन्य सदस्यों को भी मिलेगा। कई बार हम चुने हुए जनप्रतिनिधि अपने उद्देश्यों से भटक जाते हैं, मुद्दों से भटक जाते हैं। सदन का समय मुद्दाविहीन बातों में जाया हो जाता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मिथिलेश ठाकुर, मंत्री झारखंड सरकार
छात्राओं ने निभाई स्पीकर, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका
देश की संसद और राज्य विधानसभाओं में भले ही महिलाओं की संख्या पुरुषों के अपेक्षा कम दिखती हो लेकिन झारखंड विधानसभा में आयोजित छात्र संसद में आधी आबादी की पूरी धमक दिखी। छात्र संसद के 24 प्रतिनिधियों में आधी छात्राएं थी, इतना ही नहीं स्पीकर, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जैसे अहम पदों की भूमिका का निर्वाह भी महिलाओं ने ही किया। स्पीकर के रूप में डेजी लकड़ा, मुख्यमंत्री के रूप में प्रीति विश्वकर्मा और नेता प्रतिपक्ष के रूप में नुपुर माला ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इतना ही नहीं छात्र संसद के सभी 24 प्रतिभागियों में से जिन तीन को सर्वश्रेष्ठ के रूप में चुना गया वे तीनों भी छात्राएं ही रहीं।
कौन किस भूमिका में दिखा
- डेजी लकड़ा : विधानसभा अध्यक्ष
- प्रीति कुमारी विश्वकर्मा : मुख्यमंत्री
- रविशंकर सेन : गृह मंत्री
- स्मृति राज : संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री
- श्वेता सिंह : स्वास्थ्य मंत्री
- रवि शशांक : उच्च शिक्षा मंत्री
- मनीष कुमार मिश्रा : वन एवं पर्यावरण मंत्री
- सिया गुप्ता : पथ निर्माण मंत्री
- शंभू शंकर बेहरा : ग्रामीण विकास व आदिवासी कल्याण मंत्री
- दीक्षा पांडेय : स्कूली शिक्षा
- सिद्धार्थ कश्यप : पेयजल एवं स्वच्छता अभिदेश
- प्रशांत सागर : सदस्य सत्ता पक्ष
- विजय बड़ाइक : सदस्य पक्ष
विपक्ष
- नुपुर माला : नेता प्रतिपक्ष
- कौरवी पात्रा : सदस्य विपक्ष
- इरम जिलानी : सदस्य विपक्ष
- सौरभ कुमार : सदस्य विपक्ष
- बमभोला उपाध्याय : सदस्य विपक्ष
- सभ्यता भूषण : सदस्य विपक्ष
- सलोनी : सदस्य विपक्ष
- श्वेता कुमारी : सदस्य विपक्ष
- विकेश कुमार राम : सदस्य विपक्ष
- जयेश ठाकुर : सदस्य विपक्ष
- सुनील कुमार शर्मा : सदस्य विपक्ष
