रांची, राज्य ब्यूरो। चतरा के हंटरगंज स्थित वलनिया गांव की एक महिला की झोला छाप डॉक्टर से इलाज के क्रम में जान चली जाने के मामले में गजब की लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सात-सात रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय उपनिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं ने इस गंभीर मामले की जांच नहीं की। इधर, समय पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर स्वास्थ्य सचिव को समन हो गया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इलाज में कोताही तथा झोला छाप डॉक्टर द्वारा इलाज करने के क्रम में महिला की मौत होने के मामले में राज्य सरकार को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। इस आलोक में स्वास्थ्य विभाग न उत्तरी छोटानागपुर के क्षेत्रीय उपनिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं को जांच की जिम्मेदारी देते हुए शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा। जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर सात-सात बार रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन जांच रिपोर्ट विभाग को नहीं मिली।

अब विभाग ने इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए क्षेत्रीय उपनिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं को एक बार फिर अविलंब जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार सिन्हा ने क्षेत्रीय उपनिदेशक को पत्र भेजकर यह भी कहा है कि यदि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा इस मामले में कोई प्रतिकूल आदेश पारित होता है तो वे इसके लिए सीधे जिम्मेदार होंगे। इसके लिए उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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