विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड के शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पदों को लेकर केंद्र सख्त, खाली पद तुरंत भरने के दिए आदेश

Published: Fri, 09 Oct 2026 12:31 PM (GMT+05:30)

केंद्र सरकार ने झारखंड के शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों (जेसीईआरटी और डायट) में शिक्षकों के बड़े पैमाने पर रिक्त पदों पर ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।

एआई जेनरेटेड इमेज।

राज्य ब्यूरो, रांची। केंद्र ने राज्य के जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में शिक्षकों के पद रिक्त होने पर चिंता जताई है। साथ ही झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) में भी फैकल्टी के रिक्त पदों का उल्लेख किया है।

केंद्र ने कहा है कि इन शैक्षिक संस्थानों को सृदृढ़ कर तथा फैकल्टी की समुचित व्यवस्था कर ही राज्य में शिक्षा प्रशिक्षण को मजबूत बनाया जा सकता है। इससे उत्कृष्ट शिक्षक तैयार होंगे तथा विद्यालयों में शिक्षकों की कमी नहीं होगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की हाल ही में हुई एक बैठक में बताया गया कि जेसीईआरटी में 11 स्वीकृत पदों के विरुद्ध चार पदों पर ही फैकल्टी कार्यरत हैं। शेष पद रिक्त हैं। राज्य स्तरीय इस संस्थान में 65 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसी तरह, जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के स्वीकृत 312 पदों के विरुद्ध 157 (50 प्रतिशत) पद रिक्त हैं।

केंद्र ने कहा है कि यह देखा गया कि पिछले तीन वर्षों से रिक्त पदों की संख्या अधिक है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने उत्कृष्ट शिक्षकों के चयन के लिए इन संस्थानों की अहम भूमिका बताते हुए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने के निर्देश दिए हैं।

केंद्र के अनुसार, इन संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था खत्म कर नियमित शिक्षकों की भर्ती करने की आवश्यकता है। केंद्र ने यह भी कहा है कि स्कूलों के शिक्षकों के डायट्स में प्रतिनियुक्ति का असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ सकता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को रिक्त पदों की समीक्षा कर हर हाल में इस वर्ष तक भरने को कहा है।

सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होने हैं डायट

राज्य के सभी जिलों के डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाना है। इन संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरने का असर इस योजना पर भी पड़ सकता है। इसके लिए केंद्र से अनुदान भी मिलता है।

डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका

डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित करने में डायट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यालयों में कक्षा एक से पांच के बच्चों को पढ़ाने के लिए डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों की नियुक्ति होती है। इधर, राज्य सरकार डायट में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नियमावली गठित करने जा रही है। कैबिनेट की इसपर स्वीकृति मिलने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हाे सकती है। 

यह भी पढ़ें- दुर्गा पूजा से पहले रांची की 3.93 लाख महिलाओं को मिली मंईयां सम्मान योजना की किस्त, खातों में पहुंचे 98.49 करोड़ रुपये

यह भी पढ़ें- रांची विश्वविद्यालय में वोकेशनल छात्रों को पीएचडी में दाखिले का मौका, 22 अक्टूबर से इंटरव्यू