जागरण संवाददाता, रांची : राजधानी में रविवार को कोरोना के इलाज के नाम पर लापरवाही का मामला सामने आया है। 100 बेड के कोविड अस्पताल रिम्स में 39 बेड खाली रहने के बाद भी मरीज को भर्ती नहीं लिया गया। यही नहीं संक्रमित मरीज को एंबुलेंस की जगह ऑटो से सीसीएल अस्पताल भेजा गया। सीसीएल अस्पताल में मरीज और परिजन दोनों सीधे जनरल वार्ड पहुंच गए। वहां जब नर्सों ने पूछताछ किया तो संक्रमित होने की बात सामने आई। रिम्स से मरीज को भेजने के बाद अस्पताल प्रबंधन तक को सूचित नहीं किया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रिम्स प्रबंधन ने मरीज के पर्चे पर नो बेड लिखकर सीसीएल रेफर कर दिया। नर्सों ने ऑटो में ही मरीज को कोविड वार्ड भेज दिया। मरीज को अस्पताल में उतारने के बाद ऑटो चालक भी चला गया। रिम्स का तर्क 100 बेड में 39 मरीजों के लिए रिजर्व

पूरे मामले पर रिम्स प्रबंधन का तर्क है कि रिम्स में कुल 100 बेड में 61 सामान्य कोविड मरीजों और 39 गंभीर क्रिटिकल कोविड मरीजों के लिए रिजर्व है। कई मरीज वर्तमान में भर्ती भी हैं। इधर, बेड नहीं होने की पुष्टि रिम्स अधीक्षक विवेक कश्यप ने भी की है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को पत्र लिखकर जानकारी दी जा रही है कि रिम्स में अब एक भी बेड खाली नहीं है। क्लीनिक व अस्पताल में बढ़ेंगे बेड

पूरे मामले में सिविल सर्जन डॉ वीबी प्रसाद ने कहा कि फिलहाल बेड की दिक्कत नहीं है। तीन जगहों पर 50 से अधिक बेड की व्यवस्था की जा रही है। रिम्स में बेड की स्थिति की जानकारी रिम्स अधीक्षक से मांगी गई है। सिविल सर्जन ने बताया कि रातू, पिठोरिया व एक अन्य अस्पताल में भी बेड की व्यवस्था की जा रही है।

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