यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सीबीआइ ने आम लोगों से मांगा सहयोग, इस चिटफंट कंपनी के खिलाफ जांच में चाहिए सबूत
CBI Inquiry Jharkhand News Jamtara News सीबीआइ को चिटफंड कंपनी टावर इंफोटेक लिमिटेड के खिलाफ जांच में सहयोग चाहिए। इसके ...और पढ़ें

रांची, राज्य ब्यूरो। निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगा चुकी चिट फंड कंपनी टावर इंफोटेक लिमिटेड के विरुद्ध जांच कर रही सीबीआइ को इस कंपनी के निवेशक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। अब सीबीआइ ने आम लोगों से अपील करते हुए सहयोग मांगा है कि वे रांची के मोरहाबादी स्थित सीबीआइ के दफ्तर में निवेश से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
चिटफंड घोटाले के मामले में अनुसंधान कर रही सीबीआइ ने निवेशकों व एजेंटों का बयान तो लिया, लेकिन दस्तावेज नहीं मिलने से अनुसंधान की गति आगे नहीं बढ़ पा रही है। सीबीआइ ने कई जगहों पर कैंप भी लगाया, लेकिन जो सहयोग मिलना चाहिए, वह नहीं मिल सका।
सीबीआइ ने अपील में कहा है कि वैसे निवेशक व एजेंट, जो मोरहाबादी स्थित कार्यालय में दस्तावेज जमा करने में असमर्थ हैं, वे जामताड़ा जिले में 25 से 28 अक्टूबर के बीच लगने वाले कैंप में जमा कर सकते हैं। इस मामले के जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक ब्रजेश कुमार हैं। निवेशक व एजेंट उनके मोबाइल नंबर 9415609305 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
विभागीय कार्रवाई के दायरे में आए मेदिनीनगर के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता
ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल मेदिनीनगर के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता प्रेम कुमार केसरी पर कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप को लेकर विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है। हालांकि सेवानिवृत्त हो चुके अभियंता से संपर्क नहीं हो पा रहा है, इस कारण विभागीय कार्यवाही फिलहाल अवरुद्ध हैं। ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल ने उन्हें 26 अक्टूबर तक उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह भी स्पष्ट किया है कि यदि वे इस अवधि तक अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए, तो यह समझा जाएगा कि उनके ऊपर लगे आरोपों पर उन्हें कुछ नहीं कहना है।
