14 हजार रुपये रिश्वत लेते रैफ की ऑडिट टीम के सीनियर अकाउंटेंट को CBI ने पटना से किया गिरफ्तार, 50 हजार की थी मांग
सीबीआई रांची ने सीआरपीएफ की रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) के सीनियर अकाउंटेंट सोनू कुमार को पटना से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

सीबीआई ने रैफ के सीनियर अकाउंटेंट सोनू कुमार को पटना से पकड़ा।
HighLights
सीबीआई ने रैफ के सीनियर अकाउंटेंट सोनू कुमार को पटना से पकड़ा।
हवलदार से अधिक एचआरए वापसी रोकने के लिए मांगी थी रिश्वत।
राज्य ब्यूरो, रांची। सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) की इंटरनल ऑडिट पार्टी (आईएपी) के सीनियर अकाउंटेंट सोनू कुमार को पटना से गिरफ्तार कर लिया है। वह रैफ के हवलदार राकेश कुमार सिंह से 14 हजार रुपये रिश्वत ले रहा था।
सीबीआई रांची की टीम ने उसे रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है और उसे लेकर रांची आ रही है। सोनू कुमार के विरुद्ध रैफ के हवलदार राकेश कुमार सिंह की शिकायत पर सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने 16 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। हवलदार राकेश कुमार सिंह जमशेदपुर के आदित्यपुर के बागान पारा गम्हरिया स्थित पूजा कुंज में रहते हैं।
उन्होंने सोनू कुमार पर आरोप लगाया था कि सोनू कुमार ने उनपर हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) ज्यादा लेने का आरोप लगाया और उसे वापसी से बचाने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने इसकी शिकायत सीबीआई में की थी, जिसका सत्यापन कराया गया तो मामला सही पाया गया।
इसके बाद सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की और आरोपित सोनू कुमार को गिरफ्तार किया। वह रिश्वत की पहली किश्त की राशि के रूप में 14 हजार रुपये ले रहा था कि पकड़ा गया। सीबीआई के डीएसपी कुलदीप के नेतृत्व में पटना गई टीम ने उसे गिरफ्तार किया है। दर्ज कांड के अनुसंधानकर्ता भी सीबीआई की एसीबी रांची के डीएसपी कुलदीप ही बनाए गए हैं।
रैफ के हवलदार ने अपनी शिकायत में बताया
रैफ के हवलदार राकेश कुमार सिंह ने सीबीआई को दी गई अपनी शिकायत में बताया है कि उनके सीनियर अधिकारी एएसआई बीके बेहूरा ने उन्हें फोन कर बताया कि सीआरपीएफ की इंटरनल ऑडिट टीम के कर्मचारी सोनू कुमार उनसे बात करना चाहते हैं। हवलदार ने यह भी आरोप लगाया है कि 106 रैफ सीआरपीएफ जमशेदपुर में इंटरनल ऑडिट चल रहा है।
ऑडिट के दौरान यह पता चला है कि उनको हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) के तौर पर एक लाख 99 हजार 680 रुपये का ज्यादा भुगतान हो चुका है। इस रकम की उनसे वसूली की जानी है। आरोप है कि इस रकम की वसूली से बचाने के लिए सोनू कुमार ने हवलदार से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
हवालदार की शिकायत की सीबीआई की रांची स्थित एसीबी के दारोगा विमल सिंह ने गोपनीय तरीके से जांच की तो मामला सही पाया। सीनियर अकाउंटेंट सोनू कुमार ने ऑडिट में ज्यादा एचआरए भुगतान की रिकवरी का जिक्र नहीं करने के बदले में 40 हजार रुपये की अनुचित लाभ की मांग की थी।
सत्यापन में पुष्टि के बाद दारोगा ने सीबीआई की एसीबी में पुष्टि ज्ञापन सौंपा। इसके आधार पर ही प्राथमिकी दर्ज की गई। सोनू कुमार ने रिश्वत की राशि पटना में लेने की बात स्वीकारी थी। पटना स्थित ठिकाने पर वह रिश्वत की राशि ले ही रहा था कि सीबीआइ ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब उसके अन्य सहयोगियों के बारे में सीबीआइ जानकारी जुटा रही है।
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