JSCB घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, झारखंड और ओडिशा में 7 ठिकानों पर छापामारी
प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में कार्रवाई शुरू की है। ईडी की टीम झारखंड और ओडिशा में ...और पढ़ें

ईडी ने झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में कार्रवाई की।
HighLights
ईडी ने झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में कार्रवाई की।
झारखंड और ओडिशा में कुल सात ठिकानों पर तलाशी जारी।
राज्य ब्यूरो, रांची। सरायकेला के बहुचर्चित को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में ईडी ने शुक्रवार की सुबह से ही झारखंड व बिहार के सात ठिकानों पर छापामारी शुरू की है। सभी ठिकाने सरायकेला के कारोबारी संजय कुमार डालमिया व सहकारिता बैंक के तत्कालीन पदाधिकारियों से जुड़े ठिकाने हैं।
ईडी के अधिकारियों की अलग-अलग टीमें केंद्रीय बलों के साथ सभी ठिकानों पर दस्तक दी है। गहन छानबीन जारी है। दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में कारोबारी संजय डालमिया उर्फ पिंटू डालमिया, सहकारिता बैंक के तत्कालीन एजीएम संदीप सेदन, बैंक के शाखा मैनेजर सुनील सतपति, कौशल कुमार सिन्हा व कर्मचारी मदन लाल प्रजापति पूर्व में दोषी भी मिल चुके हैं और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। ईडी ने पीएमएल अधिनियम के तहत इंफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करने के बाद पूरे मामले की जांच कर रही है।

संजय डालमिया ने बैंक की विभिन्न शाखाओं से फर्जी तरीके से स्थानांतरित कराए थे 4.14 करोड़ रुपये
पूरा मामला को-ऑपरेटिव बैंक की शाखाओं से फर्जी तरीके से राशि स्थानांतरण का है। कारोबारी संजय डालमिया ने उपरोक्त आरोपितों के साथ मिलीभगत कर अपने, अपने भाई व नौकर के खाते में बैंक की विभिन्न शाखाओं से फर्जीवाड़ा कर कुल 4 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये की निकासी की थी।
यह निकासी तीन जून 2017 व छह जून 2017 को हुई थी। इस राशि से डालमिया ने अपने अपनी पुरानी ऋण के खाते को भी बंद की थी। इस मामले में 22 अगस्त 2019 को सरायकेला थाना में 38 करोड़ रुपये के गबन की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
आरोपितों ने कुल 38 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इनमें 33 करोड़ रुपये का ऋण संजय डालमिया व अन्य चार करोड़ का लोक अन्य आरोपितों ने लिया था। ऋण लेने के बाद आरोपितों ने उक्त राशि बैंक को वापस नहीं की थी।
