विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड के खनन क्षेत्र में कनाडा की एंट्री, लिथियम और टाइटेनियम जैसे क्रिटिकल मिनरल्स पर बड़े समझौते के संकेत

Published: Thu, 03 Sep 2026 03:14 PM (IST)

कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड सरकार के साथ राज्य के खनन एवं क्रिटिकल मिनरल क्षेत्र में सहयोग और निवेश की संभावनाओं ...और पढ़ें

कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के क्रिटिकल मिनरल क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर की चर्चा।

कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के क्रिटिकल मिनरल क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर की चर्चा।

HighLights

  1. कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के खनिज क्षेत्र में निवेश पर चर्चा की।

  2. लिथियम, टाइटेनियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों पर विशेष ध्यान दिया गया।

  3. झारखंड के निवेश-अनुकूल वातावरण और खनन अवसरों पर प्रकाश डाला।

राज्य ब्यूरो, रांची। भारत में कनाडा सरकार के उच्चायोग के मंत्री (वाणिज्यिक) एड. जैगर एवं ट्रेड कमिश्नर अर्जुन कुमार दत्ता के नेतृत्व में कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को झारखंड सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल तथा निदेशक राहुल कुमार सिन्हा के साथ बैठक कर झारखंड के खनन एवं क्रिटिकल मिनरल के क्षेत्र में सहयोग एवं निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

वैज्ञानिक एवं सतत खनन, आधुनिक अन्वेषण तकनीक तथा खनिज संसाधनों के विकास के क्षेत्र में कनाडा के साथ सहयोग की संभावनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

राज्य सरकार ने कनाडाई प्रतिनिधिमंडल को झारखंड के समृद्ध एवं विविध खनिज संसाधनों तथा खनिज अन्वेषण एवं विकास के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल को लिथियम, टाइटेनियम, वैनेडियम एवं गैलियम जैसे महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल की संभावनाओं से विशेष रूप से परिचित कराया गया।

झारखंड में क्रिटिकल मिनरल की बड़ी संभावनाएं

राज्य के कोडरमा-गिरिडीह क्षेत्र में लिथियम एवं संबद्ध क्रिटिकल मिनरलाइजेशन के लिए अन्वेषण कार्य किया जा रहा है। वहीं लोहरदगा-गुमला-लातेहार क्षेत्र में बाक्साइट के साथ टाइटेनियम, वैनेडियम एवं संबद्ध क्रिटिकल मिनरल की संभावनाओं पर अन्वेषण जारी है।

एनएमईएटी के अंतर्गत झारखंड में बाक्साइट, वैनेडियम, टाइटेनियम एवं संबद्ध खनिजों तथा ग्रेफाइट-वैनेडियम से संबंधित जी3/जी4 स्तर के अन्वेषण प्रोजेक्ट भी प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्वी सिंहभूम के बहुटिया एवं गुराबांदा क्षेत्रों में पन्ना खनिजीकरण झारखंड की विशिष्ट खनिज संभावनाओं को दर्शाता है, जहां आगे व्यवस्थित अन्वेषण एवं संसाधन आकलन की संभावनाएँ हैं।

झारखंड में है निवेश-अनुकूल वातावरण

कनाडाई प्रतिनिधिमंडल को झारखंड के निवेश-अनुकूल नीतिगत वातावरण, ईज आफ डूइंग बिजनेस के तहत किए गए सुधारों, पारदर्शी खनिज ब्लाक आवंटन व्यवस्था तथा खनिज अन्वेषण एवं उत्तरदायी खनन में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी भी दी गई।

हालांकि बैठक का मुख्य फोकस खनन एवं क्रिटिकल मिनरल क्षेत्र पर रहा, राज्य की ओर से झारखंड में उपलब्ध व्यापक निवेश संभावनाओं तथा अनुकूल कारोबारी वातावरण को भी प्रदर्शित किया गया।

भारत-कनाडा सहयोग की महती आवश्यकता

कनाडा को खनिज अन्वेषण, आधुनिक खनन प्रौद्योगिकी, सतत संसाधन विकास तथा क्रिटिकल मिनरल वैल्यू चेन के क्षेत्र में व्यापक वैश्विक विशेषज्ञता प्राप्त है। क्रिटिकल मिनरल की बढ़ती वैश्विक मांग तथा सुरक्षित एवं विविधीकृत खनिज आपूर्ति शृंखला की आवश्यकता के संदर्भ में भारत-कनाडा सहयोग का यह क्षेत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

बैठक में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देने तथा झारखंड के खनन क्षेत्र में कनाडाई निवेश को प्रोत्साहित करने पर सहमति व्यक्त की गई।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।